जदयू की काट के तौर पर भाजपा ने अनुप्रिया पटेल को किया है आगे

भाषानयीदिल्ली/लखनऊ :नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में आज शामिल की गयीं भाजपा के सहयोगी ‘अपना दल’ की सांसद अनुप्रिया पटेल अपनी पार्टी के अंदर ही उपजी चुनौतियों पर विजय प्राप्त करके आगेबढ़ी हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश के मजबूत कुर्मी नेता के तौर पर पहचान बनायी है. प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सटे मिर्जापुर से […]

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नयीदिल्ली/लखनऊ :नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में आज शामिल की गयीं भाजपा के सहयोगी ‘अपना दल’ की सांसद अनुप्रिया पटेल अपनी पार्टी के अंदर ही उपजी चुनौतियों पर विजय प्राप्त करके आगेबढ़ी हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश के मजबूत कुर्मी नेता के तौर पर पहचान बनायी है.

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सटे मिर्जापुर से सांसद 35 वर्षीया अनुप्रिया को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना इस बात की तरफ साफ इशारा है कि भाजपा अगले साल विधानसभा चुनाव के दौर से गुजरने जा रहे उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने केलिए आतुर है, खासकर पूर्वांचल के उस इलाके के मतदाताओं को, जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के लिये सम्भावनाएं तलाश रहे हैं.

प्रदेश में कुल मतदाताओं में कुर्मी बिरादरी की करीब आठ प्रतिशत हिस्सेदारी है, लिहाजा चुनाव के लिहाज से यह अहम वोट बैंक है.

वर्ष 2012 में वाराणसी की रोहनिया विधानसभा सीट से विधायक चुनी गयीं अनुप्रिया ने लेडी श्रीराम काॅलेज, एमिटी यूनीवर्सिटी और कानपुर विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की है. उन्होंने मनोविज्ञान में परास्नातक की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा वह एमबीए डिग्रीधारी भी हैं.

वर्ष 2014 में भाजपा के साथ गंठबंधन करके अपना दल के टिकट पर सांसद चुनी गयी तत्कालीन पार्टी महासचिव अनुप्रिया को जल्द ही अपने पिता और पार्टी संस्थापक सोनेलाल पटेल की विरासत को लेकर अपनी मां कृष्णा पटेल से टकराव का सामना करना पड़ा.

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