फिरोजाबाद/लखनऊ: निष्कासित नेता अमर सिंह की पार्टी में वापसी को लेकर सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख नेताओं में नाराजगी के स्वर उभरने के बाद अब उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी सपा में गंभीर मतभेद पैदा हो गये हैं. सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रामगोपाल यादव काइसमामलेपर कहना है कि अपनी विश्वसनीयता खो चुके रालोद मुखिया अजित सिंह से हाथ मिलाना सपा के लिये समझदारी भरा निर्णय नहीं होगा.
सपा-रालाेद गठबंधनको लेकर पूछे गयेसवालके जवाब में आज रामगोपाल यादव ने कहा कि रालोद अपनी विश्वसनीयता खो चुकी हैऔर कोई भी वैसी पार्टी के साथ गठबंधन करना नहीं चाहेगा. राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता रामगोपाल यादव ने कहा कि जो लोग जनता में अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं. ऐसे लोगों से समझौता करना किसी भी राजनीतिक दल के लिये समझदारी वाली बात नहीं होगी.
उधर, सपा के मुख्य प्रांतीय प्रवक्ता शिवपाल सिंह यादव ने सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबले के लिये रालोद-सपा गठबंधन की जरूरतबताया हैं. शिवपाल ने सम्भल में जिला योजना की बैठक से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वह चाहते हैं कि सांप्रदायिक शक्तियों को, भाजपा को हराने के लिये सभी लोहियावादी, चौधरी चरण सिंहवादी और गांधीवादी विचारधारा के लोग एक हो जाएं. उन्होंने कहा कि रालोद के साथ बातचीत अभी शुरू हुई है, अच्छी बात हुई है. हमारे तो चौधरी साहब (अजित सिंह) से बहुत पहले से ही अच्छे संबंध हैं.
इससेपहले राजनीतिक गलियारों में यूपी में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच गठबंधन के आसार को लेकर चर्चा गरम है. सूत्रों की मानें तो गठबंधन के बाद रालोद प्रमुख अजीत सिंह राज्यसभा जा सकते है. रविवार को दिल्ली में अजित सिंह के घर हुई बैठक मेंसपामुखिया मुलायम सिंह के अलाव उनके भाई शिवपाल यादव और आशु मालिक भी मौजूद थे. सपा औररालोद के इस गठबंधन के बाद यूपी में सियासी पारा चढ़ने लगा है. इन सबके बीच रामगोपाल यादव के बयान को अहम माना जा रहा है.
