लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों और शिक्षकों से हुई मारपीट की घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा का छात्र संगठन जेएनयू को अपनी विचारधारा में ढालना चाहता है. अखिलेश ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि जेएनयू में शिक्षकों और छात्रों पर बाकायदा योजना बनाकर हमला किया गया.
उन्होंने कहा कि जेएनयू प्रशासन को पता था कि हमलावर अपना काम करके किस समय तक परिसर से बाहर चले जायेंगे और तब तक पुलिस भी बाहर इंतजार करती रही कि कब प्रशासन की अनुमति मिले और वह परिसर के अंदर जाए. अखिलेश ने कहा कि सवाल यह है कि पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दाखिल होने के लिए क्या कोई अनुमति ली थी?
उन्होंने कहा कि भाजपा का छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जेएनयू छात्रसंघ और विश्वविद्यालय प्रशासन पर कब्जा करके राजनीतिक दुष्प्रचार करना चाहता है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा यह भी नहीं चाहती कि कोई गरीब छात्र जेएनयू में पढ़े. सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता लोकतंत्र को बर्बाद करना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस अच्छी तरह जानती है कि जेएनयू में हिंसा किसने की और दुनिया जानना चाहती है कि यह किसका षड्यंत्र है. इससे पहले, अखिलेश ने रविवार देर रात ‘ट्वीट’ कर कहा, ‘जेएनयू में जिस तरह नकाबपोश अपराधियों ने छात्रों और अध्यापकों पर हिंसक हमला किया है, वह बेहद निंदनीय है. इस विषय में तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए.’
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि जेएनयू में छात्रों और शिक्षकों पर हुआ हमला यह दिखाता है कि सरकार डर दिखाकर राज करने के लिए किस हद तक गिर सकती है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हिंसा और नफरत फैलाकर समाज का ध्रुवीकरण करना चाहती है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भाजपा के उदंड सिपाहियों की तरह काम कर रही है.
