IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे से भावुक हुआ मिर्जापुर का गांव, बोले- जिन्होंने घर तक पानी पहुंचाया, उन्हें कभी नहीं भूलेंगे

UP News: मिर्जापुर के लहरियादह गांव में वर्षों से पानी का संकट था. पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के प्रयासों से गांव में नल से पानी पहुंचा. उनके इस्तीफे की खबर के बाद ग्रामीण उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं.

UP News: IAS पद से इस्तीफा देने वाली पूर्व मिर्जापुर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल को लेकर जिले के लहरियादह गांव के लोग भावुक हैं. लालगंज तहसील के ड्रमंडगंज क्षेत्र में विंध्य पहाड़ी पर बसे करीब 800 आबादी वाले इस गांव में आजादी के बाद से पीने के पानी का गंभीर संकट था. ग्रामीण पहाड़ी सोतों और मध्य प्रदेश के हनुमाना से पानी लाने को मजबूर थे. मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए दिव्या मित्तल के विशेष प्रयासों से जल जीवन मिशन और हर घर नल योजना के तहत 31 अगस्त 2023 को पहली बार गांव में पाइपलाइन से पानी पहुंचा. अब उनके IAS पद से इस्तीफे की खबर के बाद ग्रामीण उस अधिकारी को याद कर रहे हैं, जिसके प्रयासों से उन्हें वर्षों पुराने जल संकट से राहत मिली.

आजादी के बाद से पानी के लिए संघर्ष कर रहा था लहरियादह

मिर्जापुर के लालगंज तहसील स्थित ड्रमंडगंज क्षेत्र में विंध्य पहाड़ी पर बसा लहरियादह गांव लंबे समय तक गंभीर जल संकट से जूझता रहा. करीब 800 की आबादी वाले इस गांव में पीने का पानी जुटाना लोगों के लिए रोज की बड़ी चुनौती थी. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण गर्मियों में हालात और खराब हो जाते थे. ग्रामीणों को पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था.

पहाड़ी सोतों और दूर के स्रोतों से लाना पड़ता था पानी

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पानी की समस्या बेहद गंभीर थी. लोग पहाड़ी सोतों से पानी लाने को मजबूर थे. कुछ ग्रामीणों को मध्य प्रदेश के हनुमाना से भी पानी लाना पड़ता था. प्रशासन की ओर से टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जाता था. ग्रामीणों के अनुसार, प्रति व्यक्ति पानी कार्ड के आधार पर 15 लीटर पानी दिया जाता था.

एक-एक बूंद पानी के लिए करनी पड़ती थी मशक्कत

ग्रामीण लल्लन के मुताबिक, पानी के लिए लोगों को काफी संघर्ष करना पड़ता था. कई बार लोग पानी के इंतजाम में जंगलों तक भटकते थे और डिब्बों में पानी जमा कर किसी तरह काम चलाते थे. महिलाओं की परेशानी भी कम नहीं थी. उन्हें कुओं से आधा से एक लीटर तक पानी निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी.

दिव्या मित्तल के प्रयासों से गांव तक पहुंचा नल का पानी

मिर्जापुर की जिलाधिकारी बनने के बाद IAS दिव्या मित्तल ने गांव की पानी की समस्या को देखा. इसके बाद जल जीवन मिशन और हर घर नल योजना के तहत गांव तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष कदम उठाए गए. 31 अगस्त 2023 को लहरियादह गांव में पहली बार पाइपलाइन से पानी पहुंचा. इसके बाद गांव के घरों तक नल से पानी की सुविधा पहुंची और वर्षों से पानी के संकट से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली.

इस्तीफे की खबर के बाद भावुक हुए ग्रामीण

IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर के बाद लहरियादह गांव में उनके काम की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है. ग्रामीण उन दिनों को याद कर रहे हैं, जब पानी जुटाना उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल काम हुआ करता था. ग्रामीण रामकली, शीला और चौसरिया का कहना है कि दिव्या मित्तल उनके लिए भगवान बनकर आई थीं. ग्रामीणों के मुताबिक, उनके प्रयासों से गांव की वर्षों पुरानी सबसे बड़ी समस्या दूर हुई.

बोले ग्रामीण- उनका काम कभी नहीं भूलेंगे

ग्रामीणों का कहना है कि दिव्या मित्तल ने सिर्फ गांव तक पानी पहुंचाने का काम नहीं किया, बल्कि पानी के लिए वर्षों से चले आ रहे संघर्ष से लोगों को राहत दिलाई. ग्रामीणों के अनुसार, आज घरों तक पहुंच रहा पानी उन्हें दिव्या मित्तल के प्रयासों की याद दिलाता है. गांव के लोगों का कहना है कि जिन्होंने उनके घरों तक पानी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, उनके इस काम को लहरियादह कभी नहीं भूल पाएगा.

Also Read: UP Chunav 2027: क्या अखिलेश के भरोसे कांग्रेस, या राहुल बना रहे हैं पर्दे के पीछे रणनीति...

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By खुशी सिंह

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >