UP Politics: ‘ये गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले लोग हैं... किसी दिन P की परिभाषा पाकिस्तान भी कर देंगे.’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘P’ की परिभाषा को लेकर अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि पहले ‘P’ को ‘पिछड़ा’ बताया गया और अब इसकी परिभाषा ‘पंडित’ की जा रही है. योगी ने कहा कि राजनीतिक सुविधा के अनुसार परिभाषाएं बदलने का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है. इसी क्रम में उन्होंने कहा कि किसी दिन ‘P’ का मतलब पाकिस्तान भी बताया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कल्याण सिंह के निधन का भी उल्लेख किया और कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि नहीं दी गई थी.
‘P’ की परिभाषा पर तंज
सीएम योगी ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के हिसाब से कुछ लोग अपने शब्दों की परिभाषा बदलते रहते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले ‘P’ की परिभाषा ‘पिछड़ा’ बताई गई और बाद में इसे ‘पंडित’ से जोड़ दिया गया. योगी ने कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले लोगों की बातों पर भरोसा करना मुश्किल है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में यही लोग ‘P’ की परिभाषा ‘पाकिस्तान’ से भी जोड़ सकते हैं.
कल्याण सिंह को लेकर अखिलेश पर हमला
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के समय समाजवादी पार्टी के रुख पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से लखनऊ पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी. योगी ने बताया कि वह और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि यह सामान्य शिष्टाचार और सामाजिक संस्कार का हिस्सा था.
‘बाबूजी को श्रद्धांजलि तक नहीं दी’
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कल्याण सिंह को प्रत्यक्ष रूप से श्रद्धांजलि देने के बजाय उनके निधन पर पर्याप्त संवेदना भी व्यक्त नहीं की. उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया. योगी ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन सनातन मूल्यों और हिंदू गौरव के लिए समर्पित था और उनके प्रति सम्मान न दिखाना उन मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों का भी अपमान है.
‘द्वेष की राजनीति’ का लगाया आरोप
सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेतृत्व ने कल्याण सिंह के प्रति जिस तरह का व्यवहार किया, उससे उनके मन में पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति राजनीतिक द्वेष साफ दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह ने जिन मूल्यों के लिए जीवनभर काम किया, उन पर वह मजबूती से कायम रहे और जो कहा, उसे करके दिखाया. इसी संदर्भ में योगी ने समाजवादी पार्टी की राजनीति और उसके नेताओं के बयानों को लेकर भी सवाल खड़े किए.
‘कब क्या बोलें, भरोसा नहीं’
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी नेताओं की बयानबाजी पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के बारे में कोई भरोसा नहीं किया जा सकता कि वे कब क्या बोल दें. उन्होंने राजनीतिक विरोध के बावजूद पूर्व नेताओं के प्रति सम्मान और शिष्टाचार को जरूरी बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान का भाव बना रहना चाहिए. यह भी पढ़ें: ‘शेर आया-शेर आया’ के नारों से गूंजा गोंडा, बृजभूषण शरण सिंह का भव्य स्वागत, मदरसे के बच्चों ने बरसाए फूल
