UP Flood: चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, पुजारी से हाथ जोड़कर अपील कर रहे डीएम-एसपी, जवाब मिल रहा- ‘भगवान को छोड़कर नहीं जाएंगे’

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का विकराल रूप देखने को मिला। बाढ़ के बीच, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मंदिर पुजारी से सुरक्षित स्थान पर आने की विनती की, लेकिन पुजारी ने अपने भगवान को छोड़कर जाने से इनकार कर दिया। यह घटना आस्था की एक अनूठी मिसाल बनी।

Chitrakoot Flood: चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि देखते ही देखते नदी किनारे बसे इलाकों में जिंदगी पानी के सैलाब में घिर गई. रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र में पानी भरने लगा, घरों और दुकानों में कई फीट तक पानी और कीचड़ पहुंच गया. इसी बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने बाढ़ की भयावहता के बीच आस्था की ताकत दिखा दी. लोगों को सुरक्षित निकालने पहुंचे डीएम और एसपी ने मंदिर में मौजूद पुजारी से हाथ जोड़कर बाहर आने की अपील की. लेकिन पुजारी ने साफ कह दिया- ‘हम अपने भगवान को अकेला छोड़कर नहीं जाएंगे.’ प्रशासन के सामने खड़े पुजारी के ये शब्द वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गए.

पानी बढ़ता गया, लेकिन पुजारी का विश्वास नहीं डिगा

मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के साथ हालात लगातार बिगड़ते गए. प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज रहा था और नावों के जरिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था. कई घरों में पानी घुस गया और लोग अपना सामान छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर जाने को मजबूर हुए. ऐसे समय में जब हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था, पुजारी का मंदिर और भगवान को छोड़कर जाने से इनकार आस्था की ऐसी तस्वीर बन गया, जिसने पूरे घटनाक्रम को भावुक कर दिया.

घरों में पानी उतरा, मगर छोड़ गया तबाही के निशान

बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ तो तबाही साफ दिखाई देने लगी. नदी किनारे के इलाकों में सैकड़ों मकान और दुकानें जलमग्न हो गईं. कहीं घरों के अंदर कई फीट तक कीचड़ जमा है, तो कहीं दुकानों में रखा हजारों रुपये का सामान पानी में भीगकर बर्बाद हो गया. सड़कों पर इतना पानी भर गया कि वे सड़क कम और नदी ज्यादा नजर आने लगीं. कई जगह मकानों और छतों में दरारें भी दिखाई दे रही हैं. अचानक आई इस बाढ़ ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया.

चित्रकूट की आधी आबादी पर संकट, प्रशासन ने मांगी मदद

मंदाकिनी के उफान ने चित्रकूट के नदी किनारे के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है. एक तरफ घर-दुकान तबाह हुए हैं, दूसरी तरफ लोगों के सामने दोबारा जिंदगी खड़ी करने की चुनौती है. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोगों से अपील की है कि आपदा के समय धनराशि देने के बजाय जरूरतमंदों के लिए राशन किट और लंच पैकेट उपलब्ध कराएं. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन बाढ़ अपने पीछे जो दर्द छोड़ गई है, उसे भरने में लोगों को लंबा वक्त लग सकता है.

यह भी पढ़ें: चित्रकूट में फिर बाढ़ का खतरा! उफनाई मंदाकिनी नदी, खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर पहुंचा पानी, इलाकों में अलर्ट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >