10 बार किस्मत ने हराया, एक रिजल्ट ने बदल दी पूरी जिंदगी! तहसीलदार अभिषेक की कहानी पढ़कर आप भी नहीं मानेंगे हार

UP Success Story: लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा: लखनऊ के अभिषेक दीक्षित ने 10 बार असफलता का सामना करने के बावजूद UPPSC 2024 में 171वीं रैंक हासिल की. उनकी अटूट जिद्द और मेहनत की यह कहानी हर युवा को प्रेरित करती है.

Success Story : प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए असफलता सबसे बड़ी चुनौती होती है. कई बार एक-दो प्रयास में सफलता नहीं मिलने पर लोग तैयारी करना ही छोड़ देते हैं. लेकिन लखनऊ के अभिषेक दीक्षित ने ऐसा नहीं किया. उन्हें अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में 10 बार असफलता मिली. इसके बावजूद उन्होंने अपने सपने को मरने नहीं दिया. अभिषेक हर बार असफलता से सीखकर वापस तैयारी में जुट गए. कई साल के संघर्ष के बाद आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई. UPPSC 2024 में उन्होंने 171वीं रैंक हासिल की और नायब तहसीलदार पद के लिए चयनित हुए. उनकी कहानी मेहनत, धैर्य और लगातार कोशिश की मिसाल बन गई है.

लखनऊ से शुरू हुआ अभिषेक का सफर

अभिषेक दीक्षित उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले हैं. सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी स्कूली शिक्षा लखनऊ पब्लिक स्कूल (LPS) से हुई. शुरुआती दिनों से ही उनके मन में कुछ अलग करने का सपना था. उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. उनका लक्ष्य सिविल सर्विस में जाना था.

इतिहास में MA किया, सिविल सर्विस को बनाया लक्ष्य

अभिषेक ने इतिहास विषय में MA किया. पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा में जाने का सपना मजबूत हुआ. इसके बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को गंभीरता से लिया.मंजिल तय थी, लेकिन रास्ता आसान नहीं था. एक के बाद एक परीक्षाएं आती रहीं और कई बार नतीजे उनके पक्ष में नहीं आए.

10 बार मिली हार, लेकिन नहीं मानी हार

अभिषेक ने UPPSC 2018, 2019, 2020, 2022 और 2023 में प्रयास किया. इसके अलावा RO-ARO और UPSC समेत अन्य परीक्षाओं में भी शामिल हुए.इन प्रयासों में उन्हें कुल 10 बार असफलता का सामना करना पड़ा. इतनी बार परीक्षा में फेल होने के बाद भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. हर नाकामी के बाद वह अपनी तैयारी में कमियां तलाशते थे. फिर नए सिरे से मेहनत शुरू कर देते थे.

असफलता को बनाया अपनी ताकत

अभिषेक के सफर की सबसे खास बात यही रही कि उन्होंने असफलता को खुद पर हावी नहीं होने दिया. परीक्षा का परिणाम चाहे जैसा रहा हो, उन्होंने अपने लक्ष्य से दूरी नहीं बनाई.बार-बार मिली असफलता के बावजूद उनका विश्वास कायम रहा. उन्होंने अपनी गलतियों से सीखने और तैयारी को बेहतर करने पर ध्यान दिया.

‘सूरज अपने ही समय पर निकलेगा’

अभिषेक की सफलता की कहानी में एक लाइन खास तौर पर सामने आती है—

“रात को वक्त दो गुजरने के लिए, सूरज अपने ही समय पर निकलेगा.”

उनका पूरा सफर इसी सोच की झलक देता है. जिस सफलता के लिए उन्हें कई साल इंतजार करना पड़ा, आखिरकार वह उनके पास आई.

UPPSC 2024 में हासिल की 171वीं रैंक

लंबे संघर्ष के बाद अभिषेक ने UPPSC 2024 में सफलता हासिल की. उन्होंने परीक्षा में 171वीं रैंक प्राप्त की. इसके साथ ही उनका चयन नायब तहसीलदार पद के लिए हुआ. यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले वह लगातार कई परीक्षाओं में असफल हो चुके थे. जिस अभ्यर्थी ने 10 बार हार देखी, उसी ने आखिरकार अपनी मेहनत से सफलता की कहानी लिख दी.

युवाओं के लिए अभिषेक की कहानी बनी मिसाल

अभिषेक दीक्षित की कहानी सिर्फ एक सरकारी नौकरी हासिल करने की कहानी नहीं है. यह उन युवाओं के लिए उम्मीद है, जो लगातार असफलताओं से परेशान हैं.उनका सफर बताता है कि एक परीक्षा में असफल होना जिंदगी में असफल होना नहीं है. अगर लक्ष्य साफ हो और कोशिश जारी रहे, तो देर से ही सही, सफलता जरूर मिल सकती है.10 असफल प्रयासों के बाद मिली यह सफलता यही संदेश देती है—मंजिल दूर हो सकती है, लेकिन कोशिश करने वाला कभी खाली हाथ नहीं लौटता

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By खुशी सिंह

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