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Varanasi News: नकली नोट का झांसा देकर लाखों की ठगी, यूपी एटीएस की गिरफ्त में आया शातिर मोंटी

गिरोह पैसे 4 गुना करने का झांसा देता था. ठगी के बाद लोगों को अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकी देता था. गिरोह महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Varanasi
Updated Date
Varanasi Crime News
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Prabhat Khabar

Varanasi News: पैसे चार गुणा करने का झांसा देकर व्यापारियों और प्रोफेसर समेत कई लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का एटीएस ने खुलासा किया है. गिरोह जाली नोटों का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था. अंतरराज्यीय गिरोह के एक बदमाश को एटीएस ने गिरफ्तार किया है.

बदमाश की शिनाख्त वाराणसी के मंडुवाडीह थाना के लहरतारा बौलिया निवासी माईकल सिंह यादव उर्फ मोंटी के तौर पर की है. गिरोह पैसे 4 गुना करने का झांसा देता था. ठगी के बाद लोगों को अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकी देता था. गिरोह महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला है.

एटीएस ने मोंटी के पास से एप्पल का एक लैपटॉप, तीन मोबाइल और एक फर्जी आधार बरामद किया है. गिरोह लोगो को उच्च गुणवत्ता की जाली भारतीय नोट उपलब्ध कराने का लालच देता था और पैसे चार गुणा करने की बात कहता था.

पैसे लेकर आने पर लोगों से लूटपाट कर लेता था. बदमाश टोकन मनी के नाम पर भी लाखों रुपए ऐंठ लेता था. ठगी के शिकार लोगों को यह गिरोह अंडरवर्ल्ड से अपने संबंध होने की धमकी देकर चुप करा देता था, जिससे पीड़ित घटना की शिकायत भी नहीं करते थे. गिरोह के बदमाश मोंटी के बारे में यूपी एटीएस ने बताया कि लखनऊ के गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था.

मामले की जांच के दौरान मोंटी का नाम सामने आया. मोंटी को घर से गिरफ्तार करके लखनऊ लाया गया. गिरफ्तार अपराधी मोंटी ने पुलिस को बताया कि मार्च 2019 में वो बहन रीना के मुंबई के ठाणे के गोयल प्लाजा स्थित घर गया था. वहां मोंटी की मुलाकात पोनेक्स जिम में सचिन से हुई, जो ब्याज पर रुपए देने का काम करता था. सचिन ने मोंटी से कहा कि तुम कुछ लोगों को ब्याज पर पैसा दे दो. उससे तुमको काफी फायदा भी हो जाएगा. सचिन ने पैसे दो और चार गुणा की बात भी कही.

कुछ दिन बाद सचिन ने मोंटी की मुलाकात कानपुर के अविनेन्द्र मिश्रा से कराई. फरवरी 2020 में सचिन ने मोंटी की मुलाकात जौनपुर निवासी हरिओम उर्फ साइंटिस्ट से कराई. मोंटी, सचिन, अविनेन्द्र मिश्रा और हरिओम ने होटल होलीडे चकाला, मेट्रो रेलवे स्टेशन मुंबई में बैठकर बातचीत की और पार्टी खोजकर लाने की बात तय हुई.

इनकी मुलाकात जुलाई 2020 में वाराणसी के पिंडरा निवासी प्रताप सोनकर से हुई. प्रताप वाराणसी की पहड़िया फल मंडी का बडा व्यापारी था. उससे मीटिंग करने के दौरान 1 करोड़ रुपए लेकर 4 करोड़ रुपए का जाली नोट देने की बात हुई. जिसके लिए इन लोगों ने 3 लाख रुपए की टोकन मनी ली. बाद में प्रताप सोनकर अपना पैसा वापस मांगने लगा तो लगभग 2 माह बाद इन लोगों ने उसका पैसा वापस कर दिया. इसके बाद इनलोगो का अगला शिकार प्रयागराज का एक प्रोफेसर बना.

प्रोफेसर को इन लोगों ने रुपए चार गुणा करने की बात कहकर वाराणसी के होटल रमाडा में बुलाया. वहां प्रोफेसर से टोकन मनी के नाम पर 5 लाख रुपए लिए गए. इन लोगों ने जनवरी 2021 में प्रोफेसर से 80 लाख रुपए लखनऊ के होटल हयात में चार गुणा करके देने के लिए लिया था, जिसमें मोंटी को 14 लाख रुपए मिले थे.

प्रोफेसर के बाद बदमाशों ने प्रयागराज के ईंट-भट्‌ठा कारोबारी मनोज सिंह से फरवरी 2021 में मुंबई के होटल जेडब्लू मेरिएट में मीटिंग की. इन लोगों ने 5 लाख रुपए टोकन मनी के नाम पर लिया. मनोज से एक करोड़ रुपए को चार गुणा करने की बात मीटिंग में हुई थी. लेकिन, वो 35-40 लाख रुपए से ज्यादा नहीं दे पा रहा था.

इस वजह से डील पूरी नहीं हो पाई थी. इसके बाद वाराणसी निवासी शैलेन्द्र सिंह जो मोंटी के साथ मिलकर एजेंट का काम करता था, उसके माध्यम से सनातन आश्रम, नासिक (महाराष्ट्र) के स्वामी विश्वरूपानन्द से होटल जेडब्लू मैरिएट, मुंबई में मीटिंग हुई. मीटिंग में स्वामी विश्वरूपानन्द से टोकन मनी के नाम पर इन लोगों ने 5 लाख रुपए लिए. आगे का काम लेन-देन की बात बिगड़ने के कारण नहीं हुआ.

अंतरराज्यीय गिरोह का अगला टारगेट वाराणसी का रहने वाले एक प्रोफेसर बना था. उससे भी टोकन मनी लेने की योजना थी. वाराणसी निवासी दीपक सिंह गिरोह के लिए एजेंट का काम करता है. उसके माध्यम से इन लोगों ने अगस्त 2021 में मुंबई के मुब्रा देवी क्षेत्र के राहुल उर्फ गाडा से उसकी ज्वेलरी की दुकान पर मीटिंग कर टोकन मनी के नाम पर 5 लाख रुपए लिए थे. गिरोह के सदस्यों ने रोहित चौरसिया के माध्यम से सितंबर 2021 में दिल्ली के रहने वाले संजीव से दिल्ली में मुलाकात हुई.

उसी दौरान आगरा निवासी दीपक उर्फ दीपू के माध्यम से दिल्ली के ही रहने वाले एक डॉक्टर से मीटिंग कर तीन लाख रुपए टोकन मनी के नाम पर लिया. लेकिन, काम नहीं होने के कारण डॉक्टर और संजीव अपना टोकन मनी का पैसा वापस मांगने लगे. इस पर इन लोगों ने कहा आप लोग कोई दूसरा काम करवा दो, पैसा वापस कर देंगें.

दीपक उर्फ दीपू ने जयपुर के जयंत सिंह उर्फ बन्ने से होटल हॉलीडे, दिल्ली में मिलकर मीटिंग की. इसमें उनसे 6 लाख रुपए टोकन मनी के नाम पर लिया गया. 19 अक्टूबर 2021 को दिल्ली के होटल लीला में पैसे चार गुणा करने के लिए 30 लाख रुपए लेकर जयंत सिंह आया तो उसे लूट लिया गया.

इस काम में मोंटी के साथ दीपक उर्फ दीपू, संजीव, रोहित चौरसिया, सचिन, अविनेन्द्र मिश्रा, हरिओम उर्फ साइंटिस्ट, सौरभ यादव और विमल उर्फ विधायक शामिल थे. इसके बाद मोंटी के अन्य साथियों सचिन, हरिओम उर्फ साइंटिस्ट, रोहित उर्फ छोटू, अनुज, अभिषेक सिंह, विमल और सौरभ यादव ने प्रयागराज के सोरांव निवासी राजकुमार पटेल से मीटिंग की. राजकुमार से टोकन मनी के नाम पर 5 लाख रुपए लिए गए थे.

बाद में राजकुमार पटेल से पैसा चार गुणा करने के लिए 90 लाख रुपए मांगे गए. पैसा लेकर राजकुमार नोएडा के होटल जेपी रिसॉर्ट्स गया था, जहां उसे लूट लिया गया था. इस घटना में मोंटी भी सचिन के कहने पर शामिल था. राजकुमार पटेल की एक कंपनी जिसका नाम क्रांतिराज इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड है, उसी के 4 खातों से यह पैसा निकाला गया था. इतनी लंबी ठगी करने के बाद गिरोह का बदमाश मोंटी मुंबई भागने की फिराक में था. इसी दौरान ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

मोंटी को अपने साथियों अभिषेक और सौरभ यादव को लखनऊ में यूपी एटीएस की गिरफ्त में आने की भनक लगी. उसके बाद मोंटी अपने घर पर ही छिप गया था और मुंबई भागने की तैयारी में था. इसी बीच उसे पकड़ लिया गया. बदमाश लोगों से ठगी कराने के बाद उन्हें अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकी देते थे ताकी ठगी के बाद पीड़ित चुप रहें.

(रिपोर्ट:- विपिन सिंह, वाराणसी)

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