1. home Home
  2. state
  3. up
  4. varanasi
  5. nursing staff protesting against ms in sir sunderlal hospital bhu know reason acy

Varanasi News: सर सुन्दरलाल चिकित्सालय में एमएस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा नर्सिंग स्टाफ, लगाया यह आरोप

राजस्थान निवासी अरविन्द कुमार ने बताया कि बीएचयू के एमएस का बर्ताव हमेशा खराब रहा, लेकिन आज उन्होंने थप्पड़ मारकर आत्मसम्मान पर चोट पहुंचाई है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Varanasi
Updated Date
सर सुन्दरलाल चिकित्सालय में एमएस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा नर्सिंग स्टाफ
सर सुन्दरलाल चिकित्सालय में एमएस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा नर्सिंग स्टाफ
प्रभात खबर

Varanasi News: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सर सुन्दर लाल चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ मेडि‍कल सुपरिटेंडेंट (MS) डॉ. कैलाश कुमार गुप्ता के कार्यालय पर नर्सिंग ऑफिसर को थप्पड़ मारने के आरोप में विरोध प्रदर्शन किया. सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित नर्सिंग स्टाफ ने कुलपति से मेडिकल सुपरिटेंडेंट के इस्तीफे की मांग की है. वहीं, मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने इस पूरे विवाद को अफवाह करार देते हुए इस घटना को नकार दिया है.

नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि शनिवार को इमरजेंसी में अपने दौरे के दौरान उन्होंने एक नर्सिंग अफसर को उसके जन्मस्थान को लेकर टिप्पणी की और उसे थप्पड़ भी मारा, जिस पर आक्रोशित सैंकड़ों की संख्या में नर्सिंग स्टाफ एमएस ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, कर्मचारि‍यों ने कुलपति से एमएस के इस्तीफे की मांग की है. 

इस सम्बन्ध में सर सुन्दर लाल अस्पताल की इमरजेंसी में पिछले तीन सालों से नर्सिंग अफसर के रूप में कार्यरत राजस्थान निवासी अरविन्द कुमार ने बताया कि बीएचयू के एमएस का बर्ताव हमेशा खराब रहा, लेकिन आज उन्होंने आत्मसम्मान पर चोट पहुंचाई है.

अरविन्द ने बताया कि वो रोज की तरह इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे थे. एमएस डॉ. कैलाश कुमार गुप्ता दौरे पर पहुंचे और आते ही मुझे थप्पड़ मारते हुए कहा कि तुम लोग राजस्थान से आकर यहां काम नहीं कर रहे हो, सिर्फ पैसा उठाते हो. अरविन्द ने कहा कि वो आये दिन बदतमीज़ी करते हैं और स्टाफ से गलत व्यवहार करते हैं, लेकिन आज इन्होंने थप्पड़ मार दिया जो सीधे-सीधे आत्मसम्मान पर चोट है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.

वहीं, दूसरी तरफ मेडि‍कल सुपरिटेंडेंट (MS) डॉ. कैलाश कुमार गुप्ता ने इस तरह के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मेरा तो किसी से कोई विवाद ही नहीं हुआ है. डेली रूटीन की तरह मैं कोविड के अपने मेडिकल दौरे से वापसी कर रहा था, तभी अस्पताल में मुझे कुछ नर्सिंग स्टाफ और मरीज के परिजनों के बीच कहासुनी होते दिखी. मैं वहां रुका तो वहां माहौल गाली गलौज व मारपीट की स्थिति वाला दिखा. तुरन्त ही मैं अपने कर्मचारियों के साथ मरीज के परिजनों से मिलकर उनका इलाज शुरू कराने की व्यवस्था में जुट गया.

डॉ. कैलाश कुमार गुप्ता को मरीज को सुरक्षित इलाज देने के बाद वहां विवाद की स्थिति समाप्त हो गई. मेरे या मेरे नर्सिंग स्टाफ द्वारा वहां कोई विवाद नहीं था. फिर भी सीसीटीवी फुटेज को देखकर मैं अपनी बात को साबित भी कर दूंगा. इस वक्त कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए मैं यही कहूंगा की पूरे नर्सिंग स्टाफ व चिकित्सकों को इस वक्त अपना उत्तदायित्व समझना चाहिए और मरीजों के साथ उचित इलाज की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए. न कि इस तरह के विवाद में पड़कर किसी के गुमराह होने पर. इस समय अस्पताल का पूरा नर्सिंग स्टाफ प्रदर्शन कर रहा है.

अरविन्द ने बताया कि हमारी मांग है कि कुलपति डॉ. कैलाश कुमार गुप्ता को तुरंत पद से हटायें. फिलहाल एमएस ऑफिस पर सैंकड़ों की संख्या में नर्सिंग स्टाफ मौजूद है और मेडि‍कल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है.

रिपोर्ट- विपिन सिंह, वाराणसी

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें