सोनभद्र गोली कांडः मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए उम्भा पहुंचीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सोनभद्रः कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को वाराणसी हवाईअड्डे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और फिर सड़क मार्ग से सोनभद्र जिले के उम्भा गांव के लिए रवाना हो गई. सोनभद्र के उम्भा गांव में प्रियंका उन दस गोंड आदिवासियों के परिवारों से मुलाकात करेंगी जिन्हें पिछले माह एक भूमि विवाद के चलते गोली मार दी गई थी.

उनसे मिलने के बाद प्रियंका वापस वाराणसी आएंगी और यहां से देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी. पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रियंका गांधी उम्भा गांव में प्रभावित परिवारों से विकास कार्यों के बारे में बात करेंगी और घटना के बाद उनकी सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए कदमों की जानकारी लेंगी. यूपी के डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने प्रयंका के इश दौरे को पोलिटिकल स्टंट करार दिया है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता सिर्फ बड़ी बड़ी बाते करते रहे हैं लेकिन हकीकत सबके सामने है. कांग्रेस के नेता सिर्फ और सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकते रहे हैं. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रियंका गांधी को सोनभद्र का दौरा पश्चाताप के साथ करना चाहिए. जिस तरह से उन्होंने इस मुद्दे को जमीन अधिग्रहण से जोड़ा है उससे कांग्रेस खुद कटघरे में खड़ी होती है. लेकिन वो सोचते हैं कि वो सिर्फ या मीडिया ट्रायल या पोलिटकल सुर्खियों बटोरने के लिए कर रही हैं.

प्रियंका सुबह करीब दस बजे वाराणसी स्थित लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पहुंचीं जहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. बाद में वह सड़क मार्ग से सोनभद्र के लिए रवाना हो गईं. गौरतलब है कि सोनभद्र के घोरावल इलाके में 17 जुलाई को जमीन के एक टुकड़े को लेकर हुए संघर्ष में 10 गोंड आदिवासियों की हत्या कर दी गई थी और 18 अन्य घायल हो गए थे.
सोनभद्र गोलीकांड में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने 19 जुलाई को पहुंचीं प्रियंका गांधी को राज्य प्रशासन ने बीच रास्ते में ही रोक लिया था और बाद में हिरासत में ले लिया था. गोलीकांड के बाद तनाव को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी थी. प्रियंका को वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई. इससे पहले प्रियंका ने वाराणसी के अस्पताल में, गोलीकांड में घायल हुए लोगों से मुलाकात की थी. वहां से उम्भा जाते हुए प्रियंका को मिर्जापुर में रोककर हिरासत में ले लिया गया था.
प्रियंका सोनभद्र जाने से रोके जाने के बाद बीच सड़क पर ही बैठ गई थीं. धरने पर बैठीं प्रियंका को चुनार अतिथिगृह ले जाया गया था. अगले दिन 20 जुलाई को आदिवासी समुदाय के सदस्यों ने प्रियंका से मुलाकात की थी. उन्होंने प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद देने का वादा किया था. यह मदद उन्हें बाद में पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल की ओर से दी गई.
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