Russia-Ukraine War : यूक्रेन पर रूसी हमले का आज आठवां दिन है. यूक्रेन के कई बड़े शहरों पर रूस कब्जा कर चुका है और उसकी सेना लगातार राजधानी कीव की ओर बढ़ रही है. यूक्रेन पर रूसी हमले के बीच भारत सरकार युद्धग्रस्त इलाकों से भारतीयों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है. यूक्रेन में फंसे सभी भारतीय इस समय मदद की गुहार लगा रहे हैं. भारतीय छात्रों की तरह वैशाली यादव नाम की स्टूडेंट ने भी मदद की गुहार लगाई है, लेकिन शायद उनको पता नहीं था कि यही गुहार उनके लिए भारी पड़ जाएगी.
बता दें कि वैशाली यादव उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक गांव की प्रधान भी हैं. ग्राम प्रधान के पद पर रहते हुए वह यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने चली गईं. यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. खबर है कि वैशाली यादव के मामले पर अब जिला प्रशासन ने रिपोर्ट तलब की है. कहा जा रहा है कि वैशाली जब यूक्रेन से वापस आएंगी तब उनके खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी. वैशाली हरदोई जिले के सांडी विकास खंड की तेरा पुरसौली गांव की प्रधान हैं.
हरदोई के पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद्र ने कहा है कि हरदोई के ग्राम तेरा पुरसौली की प्रधान वैशाली यादव अपनी ड्यूटी से नदारद हैं. पता चला है कि वह यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई है. हमने एडीओ पंचायत से रिपोर्ट मांगी है और तदनुसार कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, वैशाली यादव काफी समय से यूक्रेन में रहकर पढ़ाई कर रही थीं. प्रधानी का चुनाव जीतने के बाद वह अपनी पढ़ाई के लिए वापस यूक्रेन चली गईं. यूक्रेन और रूस के बीच हो रही जंग में इस बात की जानकारी आई है. वैशाली के इस तरह गांव छोड़कर विदेश जाने के मामले में पंचायतराज भी सख्त हो गया है.
