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यूपी चुनावों से पहले योगी सरकार का प्रदेशवासियों को तोहफा, नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें

UP News यूपी में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव और कोरोना महामारी से पैदा हुए हालात के मद्देनजर योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस वर्ष भी प्रदेश में बिजली की दरें नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है. राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पिछले साल की तरह इस साल भी बिजली दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है.

By Prabhat khabar Digital
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योगी सरकार का फैसला, यूपी में इस साल नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें
योगी सरकार का फैसला, यूपी में इस साल नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें
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UP Latest News Updates उत्‍तर प्रदेश में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव और कोरोना महामारी से पैदा हुए हालात के मद्देनजर योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस वर्ष भी प्रदेश में बिजली की दरें नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है. राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पिछले साल की तरह इस साल भी बिजली दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है.

राज्य विद्युत नियामक आयोग ने टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया है. प्रदेश में सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 2021-22 में मौजूदा दरें ही प्रभावी रहेंगी. इतना ही नहीं, पावर कॉर्पोरेशन की ओर से श्रेणियों के स्लैब में परिवर्तन तथा रेगुलेटरी एसेट के आधार पर दरों में 10 से 12 फीसदी तक की वृद्धि के प्रस्ताव को भी आयोग ने खारिज कर दिया है. बताया जा रहा है कि दरों में वृद्धि न किए जाने की वजह आगामी विधानसभा चुनाव और कोरोना से पैदा हुए हालात को भी माना जा रहा है. प्रदेश में बिजली की दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी लगातार दूसरे साल नहीं की गई है.

बता दें कि मौजूदा सरकार में अभी तक केवल एक बार वर्ष 2019-20 में बिजली दरों में बढ़ोतरी हुई है. कंपनियों ने स्लैब परिवर्तन और उपभोक्ताओं पर 49,827 करोड़ रुपये निकालने का दावा करते हुए दरों में दस से बारह प्रतिशत कीमतें बढ़ाने की भूमिका तैयार की थी. हालांकि, मई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली दरें नहीं बढ़ाने का एलान कर दिया. वहीं, सीएम के रुख को देखते हुए नियामक आयोग ने भी बढ़ोतरी न करने का मन बना लिया.

विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह, सदस्य केके शर्मा व वीके श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों की ओर से 2021-22 के लिए दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता, 2020-21 की एनुअल परफार्मेंस रिव्यू, 2019-20 के लिए दायर अनुमोदित व वास्तविक खर्च में अंतर तथा स्लैब परिवर्तन याचिका पर बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुनाते हुए टैरिफ आर्डर जारी कर दिया. आयोग ने अपने आदेश में कहा कि इस वर्ष बिजली दरों में कोई भी बदलाव नहीं किया जायेगा और वर्तमान टैरिफ ही आगे लागू रहेगा.

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