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शिवपाल यादव के बयान से मुलायम परिवार में फिर बढ़ेंगी दूरियां! अखिलेश यादव के व्यवहार से हैं आहत

भतीजे अखिलेश यादव से दूरियां होने के बावजूद शिवपाल यादव कभी भी बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के खिलाफ नहीं बोलते थे. लेकिन अब परिस्थितियां बदलती दिख रही हैं. शुक्रवार को उन्होंने सीतापुर में ऐसा बयान दे दिया कि वह मुलायम सिंह यादव पर हमला माना जा रहा है.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
Shivpal Yadav and Akhilesh Yadav
Shivpal Yadav and Akhilesh Yadav
Pabhat Khabar

Lucknow: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सपा के टिकट से विधायक शिवपाल यादव के एक बयान से राजनीतिक जगत में हड़कंप मच गया है. पहली बार उन्होंने अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव को किसी बयान में सीधे-सीधे खींचा है. अभी तक शिवपाल यादव को मुलायम सिंह यादव का हनुमान माना जाता था.

भतीजे अखिलेश यादव से दूरियां होने के बावजूद वह कभी बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के खिलाफ नहीं बोलते थे. लेकिन अब परिस्थितियां बदलती दिख रही हैं. शुक्रवार को उन्होंने सीतापुर में ऐसा बयान दे दिया कि वह मुलायम सिंह यादव पर हमला माना जा रहा है. यह भी माना जा रहा है कि शिवपाल यादव के इस बयान के बाद मुलायम परिवार से उनकी दूरियां और बढ़ जायेंगी.

शिवपाल सिंह यादव शुक्रवार को सपा नेता आजम खान से मिलने सीतापुर जेल गये थे. उन्होंने वहां मीडिया में बयान दिया था कि यदि मुलायम सिंह यादव चाहते तो आजम खां जेल से बाहर होते. सपा के लोग धरना-प्रदर्शन कर सकते थे. लोकसभा व राज्यसभा में पार्टी के सदस्य अब भी हैं. वहां प्रदर्शन होता तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मामले का संज्ञान लेते. पूरी दुनिया जानती है कि प्रधानमंत्री मोदी, मुलायम सिंह का सम्मान करते हैं.

गर्म हुआ यूपी का सियासी माहौल

शिवपाल यादव के इसी बयान के बाद यूपी का सियासी माहौल गर्म हो गया है. यूपी में सत्ता ना मिलने और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ बिगड़ते रिश्तों के कारण इस बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शिवपाल यादव की बीजेपी में जाने की चर्चा का बाजार पहले से ही गर्म है. ऐसे में मुलायम सिंह यादव को किसी बयान में घसीटने के अलग मायने निकाले जा रहे हैं.

सैफई कुनबे में एक बार फिर से रार बढ़ गई है. वैसे तो देश के सबसे बड़े राजनीतिक कुनबे में पहले से ही दरारें पड़ी हुई थी. लेकिन विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच तल्खी कुछ कम हो गई थी. चुनाव में अखिलेश यादव ने सिर्फ शिवपाल यादव को ही टिकट दिया था. इसके चलते चाचा शिवपाल की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया लगभग खत्म हो गई. उनके कार्यकर्ता भी इस धोखे से दूर होते चले गये.

अखिलेश यादव के व्यवहार से हैं शिवपाल आहत

विधानसभा चुनाव के बाद सपा विधानमंडल दल की बैठक में ना बुलाने से भी शिवपाल यादव को झटका लगा था. साइकिल सिंबल से चुनाव जीतने के बावजूद सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने उन्हें दूसरी पार्टी का बता दिया था. इससे तल्खी और अधिक बढ़ गई थी. शिवपाल यादव को बाद में सभी पार्टियों की मीटिंग में बुलाया गया था लेकिन वह गये नहीं थे. अ इस नये बयान को शिवपाल कर नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.

आजम खान जेल में हैं बंद

सपा के वरिष्ठ नेता और मुलायम सिंह यादव के करीबी आजम खान पर करीब 87 मुकदमें दर्ज हैं. 86 में उन्हें जमानत मिल चुकी है. सिर्फ एक मामले में उन्हें जमानत मिलना बाकी है. आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्लाह आजम खान को पहले ही जमानत मिल चुकी है. अब आजम खान का जेल से बाहर आने का इंतजार है.

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