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Mission Shakti 4.0: मिशन शक्ति 4.0 यानी महिलाओं, बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य से मिशन शक्ति-4.0 अभियान शुरू किया गया है. इसके लिए 100 दिन, छह माह, दो वर्ष और पांच वर्ष के लक्ष्य भी तय किए गए हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार)  कार्यशाला
सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) कार्यशाला
प्रभात खबर

Lucknow: उत्तर प्रदेश में 11.57 लाख कन्याओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है. इसी के साथ पति की मृत्यु के बाद निराश्रित लगभग 31 लाख महिलाओं को पेंशन योजना के तहत 1000 रुपए प्रति माह की दर से चार तिमाही में भुगतान किया जा रहा है. महिला एवं बाल विकास विभाग के उत्तर प्रदेश के निदेशक मनोज कुमार राय ने सोमवार को राज्यस्तरीय ‘जागरूक मीडिया’ कार्यशाला में ये बातें कही.

मिशन शक्ति 4.0 के सफल संचालन के लिए सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) संस्था के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में निदेशक मनोज कुमार राय ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य से मिशन शक्ति-4.0 अभियान शुरू किया गया है. इसके लिए 100 दिन, छह माह, दो वर्ष और पांच वर्ष के लक्ष्य भी तय किए गए हैं.

बालिकाओं के सपनों को पंख दे रही सरकार

राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष विमला बाथम ने कहा कि सूबे की महिलाओं और बालिकाओं के सपनों को पंख देने का काम सरकार की विभिन्न योजनायें कर रहीं हैं. बेटियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं चलायी जा रही हैं.

महिलाओं के लिए निराश्रित महिला पेंशन योजना और वन स्टॉप सेंटर भी संचालित हो रहे हैं. इसके साथ ही किसी भी मुसीबत में घर बैठे हेल्पलाइन के जरिये तत्काल राहत पहुंचाने का भी काम चल रहा है. बाल अधिकार संरक्षण आयोग यूपी के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा ने बताया कि बाल मन में अंकित छवि उनके जीवन में बहुत गहरा प्रभाव डालती हैं, इसीलिए बच्चों के लिए हिंसा व शोषण मुक्त माहौल बनाने में सभी की भागीदारी बहुत जरूरी है.

सरकार भी इसके लिए निरंतर प्रयास कर रही है. कोविड के चलते अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना चलायी जा रही है. बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण के लिए यह एक अच्छी पहल जरूर साबित हो रही है. योजना ने बच्चों में यह भाव जरूर जगाया है कि इस वैश्विक महामारी में हम अकेले नहीं है. अब तक बाल सेवा योजना और बाल सेवा योजना सामान्य के जरिए 16 हजार से अधिक बच्चों को लाभ पहुंचाया गया है.

15 दिन में होगा स्वावलंबन शिविर का आयोजन

महिला एवं बाल विकास विभाग यूपी के उप निदेशक पुनीत कुमार ने बताया कि 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत हर 15 दिन में प्रदेश भर में स्वालंबन शिविर का आयोजन किया जाएगा. जिसमें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्प लाइन, बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान, बाल संरक्षण सेवाएं और निराश्रित महिला योजना के बारे में विभिन्न तरीके से जागरूक किया जाएगा.

कार्यक्रम में सीफार की नेशनल प्रोजेक्ट लीडर रंजना द्विवेदी ने कहा कि योजनाओं को सही मायने में धरातल पर उतारने में मीडिया की अहम भूमिका है| महिला कल्याण की जो भी योजनाएं चल रहीं हैं, उनको जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज की यह कार्यशाला आयोजित की गई है. कार्यशाला में मीडिया के सवालों का निदेशक ने जवाब दिया.

कार्यशाला में बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्याम त्रिपाठी, अनीता अग्रवाल, लखनऊ मंडल के डिप्टी सीपीओ सर्वेश पांडे, मंडल के सभी जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित महिला कल्याण विभाग के राज्य सलाहकार नीरज मिश्र, प्रीतेश, सीफ़ार के प्रतिनिधि मौजूद थे.

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