1. home Home
  2. state
  3. up
  4. lucknow
  5. lakhimpur kheri violence latest update who is latif aka kala whose name is being linked to lakhimpur incident acy

Lakhimpur Kheri Violence Latest Update: लतीफ उर्फ काला कौन है, जिसका नाम लखीमपुर की घटना से जोड़ा जा रहा है

अंकित दास के साथ साये की तरह रहने वाला काला फिलहाल इस घटनाक्रम का एक अहम गवाह है. काला ने एसआईटी के समक्ष बार-बार अपने बयान बदले और कई बार विरोधाभासी बयान दिये हैं, जिसके बाद पुलिस का शक उस पर और गहरा हो गया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Lucknow
Updated Date
Lakhimpur Kheri Violence Latest Update
Lakhimpur Kheri Violence Latest Update
File Photo

Lakhimpur Kheri Violence: पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद एक नाम और खुल कर सामने आया, जो है लतीफ उर्फ काला उर्फ काले का. बताया जा रहा है कि घटना के समय काला भी अंकित और आशीष के साथ घटनास्थल पर मौजूद था. पुलिस सूत्रों ने प्रभात खबर को बताया है कि घुसियाना थाना फरधान निवासी लतीफ उर्फ काला कथित रूप से अंकित दास का अकाउंटेंट होने के साथ-साथ निजी गनर भी है.

काला न सिर्फ अंकित दास का करीबी है बल्कि उसका लखीमपुर और सीतापुर आना जाना अक्सर लगा रहता है. अंकित दास के साथ साये की तरह रहने वाला काला फिलहाल इस घटनाक्रम का एक अहम गवाह है. काला ने एसआईटी के समक्ष बार बार अपने बयान बदले और कई बार विरोधाभासी बयान दिये हैं, जिसके बाद पुलिस का शक उस पर और गहरा हो गया है.

मोबाइल फोन की लोकेशन से साफ होगी तस्वीर

बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल सर्विलांस के माध्यम से घटना वाले दिन आशीष समेत अंकित दास एवं लतीफ उर्फ काले की मोबाइल फोन लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगालने में लगा हुआ है और जांच दल को इस बात का भरोसा है कि उस दिन की कॉल डिटेल एवं लोकेशन से कई राज खुलेंगे.

शेखर ने भी खोले हैं कई राज

पुलिस सूत्रों ने बताया है कि ड्राइवर शेखर भारती ने पुलिस पूछताछ में कई राज खोले हैं. शेखर के अनुसार, घटना वाले दिन 3 अक्टूबर को अंकित दास के साथ काले उर्फ लतीफ, सुधांशु शेखर, नंदन सिंह समेत कुल पांच लोग काली फॉर्च्यूनर गाड़ी से लखीमपुर तिकुनियां दंगल में शामिल होने के लिये लखनऊ से सुबह छह बजे निकल गये थे. कुछ देर सीतापुर में रुकने के बाद यही पांच लोग उसी काली फार्च्यूनर गाड़ी से बनवीरपुर पहुंचने के बाद लगभग डेढ़ बजे दंगल कार्यक्रम में पहुंचे थे. कुछ देर बाद एक सफ़ेद कार से आये सिख समुदाय के लोगों ने आशीष को बताया कि आंदोलन कर रहे किसानों ने उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए हैं, जिसके बाद आशीष थार में बैठकर घटनास्थल की तरफ निकल गए और उनके साथ यह फार्च्यूनर एवं एक अन्य गाड़ी भी थी.

काफिले में थार, फॉर्च्यूनर और स्कार्पियो की हो चुकी है पुष्टि

पुलिस के पास अब पुख्ता सबूत हैं कि घटना वाले दिन आशीष के काफिले में सबसे आगे थार चल रही थी और उसके पीछे काली फॉर्च्यूनर और उसके पीछे सफेद स्कॉर्पियो. शेखर भारती ने भी यह स्पष्ट किया है कि उस काली फार्च्यूनर में अंकित दास के साथ काले उर्फ लतीफ, सुधांशु शेखर, नंदन सिंह समेत कुल पांच लोग बैठे थे. अंकित दास के पास रिपीटर बन्दूक थी और उसके अन्य साथी के पास रिवॉल्वर थी.

और कौन बैठा था सफेद स्कार्पियो में ?

शेखर यह बता पाने में असमर्थ रहा है कि सफ़ेद स्कार्पियो में कौन-कौन बैठा था. हालांकि उसने थार में हथियारबंद लोगों के साथ बैठे आशीष मिश्रा की पुष्टि की है.

अब तक छह लोग हो चुके हैं गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा और बवाल के बाद घटना में शामिल केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष समेत अन्य लोगों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. पुलिस ने अब तक इस मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आशीष मिश्रा, लवकुश, आशीष पांडे, शेखर भारती, अंकित और लतीफ उर्फ काले उर्फ काला शामिल हैं.

कब, कौन हुआ गिरफ्तार -

घटना के तीसरे दिन ही आशीष के कथित सहयोगी लवकुश एवं आशीष पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया था. विशेष जांच दल द्वारा नौ अक्टूबर को 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किए गए आशीष मिश्रा मंगलवार 12 अक्टूबर से तीन दिन की पुलिस हिरासत में हैं. 12 अक्टूबर को ही गिरफ्तार हुए शेखर भारती को भी तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. 13 अक्टूबर को एसआईटी के समक्ष पेश हुए अंकित दास और लतीफ उर्फ ​​काले को पूछताछ के बाद बुधवार को हिरासत में लिये जाने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

रिपोर्ट- उत्पल पाठक

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें