विवेक तिवारी हत्याकांड : एसआईटी ने जांच के लिए घटनास्थल पर ऐक्सीडेंट के सीन को रिक्रिएट किया

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

लखनऊ : गोमतीनगर इलाके में पुलिस के एक सिपाही की गोली से मारे गये एप्‍पल कंपनी के प्रबंधक विवेक तिवारी की मौत मामले में मंगलवार को भी एसआईटी की टीम ने सघन जांच चलाया.

लखनऊ रेंज के आईजी सुजीत कुमार के नेतृत्व में एसआईटी की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और आगे की जांच के लिए ऐक्‍सीडेंट के सीन को रिक्रिएट किया गया. उस दौरान घटना की चश्मदीद सना खान और विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी भी मौजूद थीं.

* सना खान ने बताया, विवेक को सामने से मारी गयी थी गोली

विवेक तिवारी की हत्या मामले में घटना के वक्त कार में मौजूद सना खान ने मीडिया के सामने कहा कि उस रात हम घर लौट रहे थे, उसी वक्त बाइक पर सवार दो पुलिसकर्मी आये और सामने से प्रशांत पर गोली चला दी. गोली बिलकुल सामने से मारी गयी थी. घटना के वक्त कुछ ट्रक ड्राइवर वहां मौजूद थे, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया.

* योगी से मिली मृतक विवेक की पत्नी, बोलीं, सरकार पर पूरा भरोसा

विवेक तिवारी के परिवार ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सीएम से मिलने के बाद मृतक की पत्नी कल्‍पना ने कहा, उन्हें राज्य सरकार पर पूरा भरोसा है.तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा, मैं मुख्यमंत्री से मिलना चाहती थी. मैंने पहले भी कहा था कि मुझे राज्य सरकार पर भरोसा है. मेरा वह भरोसा आज और बढ़ गया. वर्तमान परिस्थितियों में मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री से मिलने के बाद मुझे कुछ ढांढस बंधा है कि जो जिम्मेदारियां मेरे पति मेरे ऊपर छोड़कर गए हैं, शायद मैं उन्हें पूरा कर पाऊंगी. इसके लिए मैं मुख्यमंत्री की आभारी हूं. उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने मेरी सभी मांगे पूरी कर दी हैं.

* मृतक की पत्नी को मिलेगी नौकरी, 25 लाख की आर्थिक मदद और बेटियों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने तिवारी के परिवार के मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बताया कि तिवारी का परिवार की गयी कार्रवाई से संतुष्ट है. हम पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगे, जिसमें उनकी पत्नी कल्पना को उनकी शिक्षा के अनुरूप नौकरी, 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, दोनों बेटियों के नाम से पांच-पांच लाख रुपये की एफडी तथा पांच लाख रुपये की एफडी विवेक की मां के नाम से करने की संस्तुति मुख्यमंत्री योगी ने दी है.

गौरतलब है कि एप्‍पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी (38) की मौत 29 सितंबर की रात को कार्यालय से घर लौटते समय पुलिस की गोली लगने से हो गयी थी. उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार सिपाही प्रशांत चौधरी ने उन्हें कार रोकने को कहा, कार नहीं रोकने पर कथित रूप से प्रशांत ने विवेक पर गोली चला दी.

गंभीर रूप से घायल विवेक की इलाज के दौरान मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम में उनके सिर में गोली मिली थी. इस मामले में दोनों आरोपी सिपाही प्रशांत और संदीप को बर्खास्त कर दिया गया है. दोनों को गिरफ्तारी करने के बाद शनिवार को ही जेल भेज दिया गया था.मृतक विवेक तिवारी का रविवार को लखनऊ स्थित बैकुंठधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस दौरान योगी सरकार में कानून मंत्री बृजेश पाठक और कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद थे.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें