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Kanpur News: विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई और उसका भाई भूमाफिया घोषित, जल्द होगी कार्रवाई

बिकरु कांड के मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का खजांची है. जय बाजपेई जो विकास को समय समय पर फंड उपलब्ध कराता था. लेकिन इस वक्त वह विकास की मदद करने के आरोप में माती जेल में बंद है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Kanpur
Updated Date
विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई
विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई
प्रभात खबर

Kanpur News: देश का बहुचर्चित बिकरु कांड जिसने पूरे देश के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रखा था. इस कांड की देश से लेकर विदेश तक चर्चा हुई थी. बता दें कि 2- 3जुलाई 2020 को कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिकरु गांव में हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियों से हमला कर दिया था. जिसमें एडिशनल एसपी समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी. जबकि दर्जन भर पुलिसकर्मी घायल हुए थे. बिकरु कांड के बाद यूपी पुलिस ने 3 जुलाई से आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश शुरू की और एनकाउंटर शुरू हुए.

3 जुलाई से 9 जुलाई के बीच ताबड़तोड़ एनकाउंटर हुए, जिसमें मुख्य आरोपी विकास दुबे भी सम्मिलित है. बताते चले कि विकास को महाराष्ट्र के उज्जैन से कानपुर लाते समय भौति के पास एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. जिसके बाद विपक्ष ने मौजूदा सरकार को जमकर घेरा भी था. बहरहाल बिकरु कांड के 50 से अधिक आरोपी और विकास की मदद करने वाले माती जेल में बंद है. जिसमें विकास दुबे का खचांची जय बाजपेई भी शामिल हैं.

कौन है जय बाजपेई

बिकरु कांड के मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का खजांची है. जय बाजपेई जो विकास को समय समय पर फंड उपलब्ध कराता था. लेकिन इस वक्त वह विकास की मदद करने के आरोप में माती जेल में बंद है.

जय बाजपेई का नाम भू माफिया सूची में

बिकरू कांड के बाद हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की मदद करने वाले खजांची जय बाजपेयी, उसके भाई और भाभी को भूमाफिया घोषित किया गया है. बता दें कि डीएम नेहा शर्मा की अध्यक्षता में एंटी भूमाफिया सेल की बैठक में फैसले लिए गए है. सात नए नाम घोषित किए गए है पहले डीएम को 300 लोगो की सूची दी गई थी. लेकिन अब सूची में अब 307 भूमाफिया हो गए हैं. कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम के नेतृत्व में हुई बैठक में सबसे पहले जय बाजपेई का मामला उठाया गया. बैठक में बताया गया कि जय बाजपेई ने ब्रह्मनगर में रेलवे की जमीनों पर कब्जा करके कई मकान खड़े कर दिए. इसके बाद बेच दिया गया. इसके बावजूद रेलवे के अफसर अपनी आंखें बंद किए रहे.

वहीं रेलवे की जमीन को कब्जे कर बनवाये गए कई मकानों को किराए पर भी जय बाजपेई उठा रखा है. जिसका किराया उसका भाई वसूलता है. इसकी जानकारी होने पर जांच कराई गई तो पूरा खेल खुलकर सामने आ गया. लेखपाल की रिपोर्ट पर रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने के संबंध में जयकांत, भाई शोभित बाजपेई, रजय की पत्नी प्रभा बाजपेई, विकास दुबे के पड़ोसी प्रशांत शुक्ला और पूनम निषाद के खिलाफ एंटी भूमाफिया के तहत कार्रवाई करने की संस्तुति की गई.

डीएम ने कहा कि कब्जा खाली कराकर विभाग दें प्रमाण कानपुर डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि सभी विभाग अपनी जमीनों पर किए गए कब्जों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करें. किसी भी सरकारी भूमि पर कब्जे नहीं होने चाहिए.सभी विभाग प्रमाण-पत्र दे कि उनकी भूमि पर कोई कब्जा नहीं है.एसडीएम तहसील स्तर पर एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स की बैठक करके किए गए कब्जों को युद्धस्तर पर खाली कराने की रणनीति बनाते हुए कब्जों को खाली कराएं. डीएम ने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ एंटी भू माफिया के तहत कठोरतम कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल भेजा जाएगा. सभी विभाग अपनी भूमि का लैंडबैंक बनाएं.

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