1. home Home
  2. state
  3. up
  4. kanpur
  5. kanpur news 15 employees in lab of gsvm medical college how will we deal with new corona variant omicron acy

साहब! जब लैब में कर्मचारी ही नहीं, तो कैसे निपटेंगे कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से?

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में दो कोविड लैब चल रही है. इनमें 22 कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर थे. शासन ने इन्हें हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं. लैब में अब 15 कर्मचारी हैं, जिन पर कोरोना के सैम्पलों की जांच की जिम्मेदारी है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Kanpur
Updated Date
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर
फाइल फोेटो

Kanpur News: अफ्रीका और बेल्जियम में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन मिलने के बाद जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है. वहीं, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में आरटी-पीसीआर जांचें एक चौथाई हो गई हैं. माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोविड लैब में जांच के लिए स्टाफ ही नहीं है. आउटसोर्सिंग स्टाफ को 6 माह का वेतन नहीं मिला है और अब शासन ने उन्हें हटाने के निर्देश दिए हैं. बचे स्टाफ से बमुश्किल शहर में लिए जा रहे सैम्पलों की ही जांच हो पाएगी.

माइक्रोबायोलॉजी विभाग में दो कोविड लैब चल रही है. इनमें 22 कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर थे. शासन ने इन्हें हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं. लैब में अब 15 कर्मचारी हैं, जिन पर कोरोना के सैम्पलों की जांच की जिम्मेदारी है. मेडिकल कॉलेज में अभी तक मण्डल के जिलों के अलावा लखनऊ मंडल के उन्नाव, प्रयागराज मंडल के फतेहपुर और कौशाम्बी आदि जिलों की जांच हो रही थी. क्षमता रोजाना 10 हजार आरटी-पीसीआर की थी, जो अब ढाई हजार के आंकड़े पर आ गई है. इससे अधिक सैंपल लिए गए तो पेंडेंसी बढ़ती जाएगी.

बहुत दिनों तक रखे रहने पर सैंपल खराब भी हो जाते हैं. वहीं, रिपोर्ट देर से आने पर रोगी का इलाज प्रभावित होता है. कोरोना की दूसरी लहर में पहुंचे सैंपल की रिपोर्ट रोगियों के मरने के बाद आई थी. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर संजय काला का कहना है कि कितना स्टाफ है. उसमें नगर की भी जांच हो पाएंगी.

ओमिक्रोन संक्रमण पर कोवाक्सिन हो सकती है कारगर

स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन ओमिक्रोन से बचाव में कारगर साबित हो सकती है. विशेषज्ञों का तर्क है कि कोवैक्सीन कोरोना के तीन वैरिएंट पर आधारित है. भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन को कोरोना वायरस में तैयार किया गया है. विभिन कोविड वैरिएंट में होने वाली जटिलताओं को रोकने के लिए उससे बनी एंटीबॉडीस असरदार साबित होगी.

(रिपोर्ट- आयुष तिवारी, कानपुर)

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें