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बरेली के डीएम को इस वजह से चुनाव आयोग ने पद से हटाया, शिवाकांत द्विवेदी बने नये डीएम

चुनाव आयोग ने शनिवार को बरेली के डीएम मानवेंद्र सिंह को उनके पद से हटा दिया है. उनकी जगह पर पर विशेष सचिव गृह और जेल शिवाकांत द्विवेदी को डीएम बरेली का जिम्मा सौंपा गया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Bareilly
Updated Date
चुनाव आयोग ने बरेली डीएम को हटाया
चुनाव आयोग ने बरेली डीएम को हटाया
Prabhat Khabar

Bareilly News: चुनाव आयोग ने शनिवार को बरेली के डीएम मानवेंद्र सिंह को उनके पद से हटा दिया है. मानवेंद्र पर सपा ने आरोप लगाया था कि उनकी भाजपा के साथ काफी नजदीकियों है. ऐसे में उनकी शिकायत पर चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है. अब उनके स्थान पर विशेष सचिव गृह और जेल शिवाकांत द्विवेदी को डीएम बरेली का जिम्मा सौपा गया है.

बरेली के नए डीएम शिवाकांत द्विवेदी लखनऊ विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष थे. उनको कुछ महीने पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हटाया था. 2016 बैच के आईएएस शिवाकांत द्विवेदी विशेष सचिव प्राविधक शिक्षा, डीएम चित्रकूट, डीएम आजमगढ़, एमडी पीसीएफ के पद पर भी रहे हैं.

मानवेंद्र सिंह रैमेन मैग्सेसे पुरुस्कार से सम्मानित

एशिया के नोवेल कहे जाने वाले रैमेन मैग्सेसे पुरुस्कार से सम्मानित आईएएस मानवेंद्र सिंह बरेली में एडीएम-ई का जिम्मा संभाल चुके थे, लेकन उन्हें कुछ महीने पहले डीएम बनाकर भेजा गया था. लगभग दो साल से वे फर्रूखाबाद में डीएम थे. इस दौरान उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार किया.

पीसीएस से प्रोन्नति प्राप्त 2010 बैच के आईएएस अधिकारी मानवेंद्र सिंह को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री ने राष्ट्रीय जल पुरुस्कार से भी सम्मानित किया था. उन्हें यह पुरस्कार ललितपुर में ओडी नदी को पुनर्जीवित कर जल स्रोतों के पुनरुद्धार पर मिला था. इससे पहले वह विशेष सचिव स्वास्थ्य, ग्रेटर नोएडा और मथुरा विकास प्राधिकरण के सीईओ, मेरठ में एडीएम सिटी, बरेली और फिरोजाबाद में एडीएम प्रशासन और चित्रकूट धाम में अपर आयुक्त पद पर रह चुके हैं. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश प्रमोटी आइएएस यूनियन के अध्यक्ष भी रहे थे.

पांच बार विधायक रहे हैं पिता

मानवेंद्र सिंह के पिता गजेंद्र सिंह स्वतंत्रता सेनानी रहे थे. औरैया की एक विधानसभा से पांच बार विधायक भी रह चुके हैं. मानवेंद्र सिंह अपने पिता के सबसे छोटे बेटे हैं.

यह था आरोप

फर्रुखाबाद के डीएम रहने के दौरान मानवेंद्र सिंह पर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को चुनाव जितवाने का आरोप है. सपा के जिला पंचायत सदस्य अधिक थे, लेकिन इसके बाद भी भाजपा के सदस्य को अध्यक्ष बना था. इसके साथ ही उनकी पत्नी का औरैया जालौन की विधूना विधानसभा सीट से टिकट की दावेदार थीं. हालांकि, उनको टिकट नहीं मिला है. इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साडू को टिकट मिला है.

कवि हृदय हैं मानवेंद्र सिंह

आइएएस मानवेंद्र सिंह कवि हृदय हैं. उन्होंने कविताएं भी लिखीं हैं. इस कविता "आस्तीन के सांप दिखाई नहीं देते महसूस किए जाते हैं, बहुत करीब होने का एहसास भी दिलाते हैं, इनके दंश से मरता नहीं कोई लेकिन, जख्म बहुत गहरे दे जाते हैं" बहुत चर्चित हुई है.

जिस स्कूल में पढ़े, उसकी बदली सूरत

आइएएस मानवेंद्र सिंह औरेया जालौन की तहसील विधूना की ग्राम पंचायत तिलकपुर कैथाला के मूल निवासी हैं. कुछ महीने पहले ही अपने जिले के डीएम को पत्र लिखकर गांव के प्राथमिक स्कूल को गोद लेने की इच्छा जताई थी. निजी खर्च से जिस स्कूल में पढ़े थे.उसको कॉन्वेंट स्कूल की तरह बदल दिया है.

रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद

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