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इलाहाबाद HC ने UPTET-2021 के सर्टिफिकेट जारी करने पर लगाई रोक, बीएड अभ्यर्थियों की सरकार से मांगी जानकारी

बीएड अभ्‍यर्थ‍ियों के संबंध में राज्य सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि क्या बीएड अभ्यर्थियों को भी प्राथम‍िक स्कूल में सहायक अध्यापक नियुक्त करने के लिए कोई अधिसूचना जारी की गई थी या नहीं? यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ ने प्रतीक मिश्रा व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Prayagraj
Updated Date
इलाहाबाद हाइकोर्ट
इलाहाबाद हाइकोर्ट
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Prayagraj News: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपीटीईटी 2021 परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद अब अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है. बीएड अभ्‍यर्थ‍ियों के संबंध में राज्य सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि क्या बीएड अभ्यर्थियों को भी प्राथम‍िक स्कूल में सहायक अध्यापक नियुक्त करने के लिए कोई अधिसूचना जारी की गई थी या नहीं? यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ ने प्रतीक मिश्रा व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. याचिकाकर्ताओं ने इलाहाबाद हाइकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति करने पर रोक लगाने की मांग की थी. मामले में अगली सुनवाई 16 मई को होगी.

परिणाम भी घोषित हो चुका है...

इस याचिका में कहा गया है की राजस्थान हाइकोर्ट ने एनसीटीई द्वारा 28 जून 2018 को जारी उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि प्राइमरी स्कूल के टीचर्स के लिए बीएड डिग्रीधारी भी मान्य माने जाएंगे. मगर यूपी सरकार ने राजस्थान हाइकोर्ट के आदेश पर विचार नहीं किया. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा पारित 25 नवंबर 2021 की अधिसूचना को रद्द करने के निर्णय पर विचार नहीं किया. साथ ही 23 जनवरी, 2022 को संपन्न हुई यूपी टीईटी परीक्षा का 8 अप्रैल 2022 को परिणाम भी घोषित हो चुका है.

टीचर बनने के योग्य नहीं हैं...

अब सरकार अभ्यर्थियों को टीईटी का प्रमाण पत्र जारी करने जा रही है. हाइकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारी वकील से जवाब तलब करते हुए पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्थान हाइकोर्ट के फैसले के बाद इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी की है?इलाहाबाद हाइकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि 23 जनवरी, 2022 को हुई टीईटी परीक्षा के प्रमाण पत्र अभी जारी न किए जाएं. वहीं, दूसरी ओर याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बीएड डिग्रीधारक प्राइमरी स्कूल में टीचर बनने के योग्य नहीं हैं. मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी.

रिपोर्ट : एसके इलाहाबादी

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