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दवा और फूड सप्लीमेंट बेचने के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेना जरूरी, 2022 से लागू होंगे नियम...

अगर आपका मेडिकल स्टोर है और आप उसमें दवाओं के साथ-साथ फूड सप्लीमेंट (ग्लूकोज, शुगर फ्री टैबलेट मिल्क पाउडर, च्यवनप्राश, प्रोटीनेक्स हेल्थ टॉनिक) रखते हैं तो 1 जनवरी 2022 से केवल ड्रग लाइसेंस से काम नहीं चलेगा. आप पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Aligarh
Updated Date
दवा और फूड सप्लीमेंट बेचने के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेना जरूरी
दवा और फूड सप्लीमेंट बेचने के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेना जरूरी
फाइल फोटो

Aligarh News: अगर आपका मेडिकल स्टोर है और आप उसमें दवाओं के साथ-साथ फूड सप्लीमेंट (ग्लूकोज, शुगर फ्री टैबलेट मिल्क पाउडर, च्यवनप्राश, प्रोटीनेक्स हेल्थ टॉनिक) रखते हैं तो 1 जनवरी 2022 से केवल ड्रग लाइसेंस से काम नहीं चलेगा. आप पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. यहां तक कि आपका ड्रग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है. अब दवा के साथ फूड सप्लीमेंट के अलावा रोजमर्रा की चीजें एक साथ बेचने के लिए ड्रग लाइसेंस के अलावा खाद्य विभाग से लाइसेंस भी लेना होगा.

दवाई बेचने के लिए केवल ड्रग लाइसेंस

दरअसल, मेडिकल स्टोर पर दवा बेचने के दिए औषधि विभाग से ड्रग लाइसेंस लिया जाता है. जिसके आधार पर केवल दवा ही बेची जा सकती है. इसके अलावा मेडिकल स्टोर पर कुछ और नहीं बेचा जा सकता है. फूड सप्लीमेंट बेचने के लिए भी लाइसेंस जरूरी है. प्रोटीनेक्स, हॉर्लिक्स, कॉम्प्लान आदि हेल्थ टॉनिक, च्यवनप्राश, शहद, बेबी मिल्क पाउडर, ग्लूकोज, हेल्थ सप्लीमेंट और रोजाना उपयोग की कई चीजें बेचने के लिए जनपद के खाद्य विभाग से लाइसेंस लेने की व्यवस्था होती है.

अलीगढ़ में मेडिकल स्टोर पर क्या बिकता था?

अलीगढ़ में 2,000 से अधिक मेडिकल स्टोर हैं, जहां पर जीवन रक्षक दवाओं के लिए प्राप्त ड्रग लाइसेंस पर कई हेल्थ सप्लीमेंट बिक रहा है. मेडिकल स्टोर संचालक बिना खाद्य विभाग के लाइसेंस इसे बेच रहे हैं.

जीवन रक्षक दवाओं के ड्रग लाइसेंस को केवल दवाएं बेचने के लिए ही जारी किया जाता है. खाने-पीने के जो सामान होते हैं, उसके लिए खाद्य विभाग से लाइसेंस लिया जाता है और केवल ड्रग लाइसेंस पर खाद्य सामग्री बेचना फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नियमों के भी खिलाफ है.

मेडिकल स्टोर पर दवा के साथ-साथ फूड सप्लीमेंट बेचने के लिए दो अलग-अलग लाइसेंस की व्यवस्था के लिए सरकार 2011 से ही प्रयासरत थी. इसका मेडिकल स्टोर संचालक विरोध कर रहे थे. यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2021 से लागू की जानी थी. अब, यह व्यवस्था 1 जनवरी 2022 से शुरू हो जाएगी. दो अलग-अलग लाइसेंस नहीं होने पर ड्रग लाइसेंस रद्द हो सकता है. ऐसा करने वाले दुकानदार पर जुर्माना भी लग सकता है.

नई व्यवस्था में केमिस्ट को क्या करना होगा?

दवा बेचने के लिए ड्रग लाइसेंस और फूड सप्लीमेंट बेचने के लिए फूड लाइसेंस अलग-अलग लेने होंगे. दवा और फूड सप्लीमेंट के लिए अलग-अलग रैक भी रखना होगा. दवा और फूड सप्लीमेंट के लिए अलग-अलग बिल छपवाने होंगे. दोनों के लिए अलग-अलग बिल देने होंगे.

नए फैसले को दुकानदार कर रहे विरोध...

जिला अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रग्स्टि एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह टिल्लू ने प्रभात खबर को बताया कि दो लाइसेंस अगर अलग-अलग बनाने होंगे तो वो बनवा भी सकते हैं. लेकिन, अलग-अलग बिल और अलग-अलग रेट की व्यवस्था करना कठिन काम है.

मेडिकल स्टोर संचालक कपिल अग्रवाल ने कहा कि दो अलग-अलग लाइसेंस, दो अलग-अलग बिल, दो अलग-अलग रैक की व्यवस्था करने से परेशानी बढ़ेगी.

मेडिकल स्टोर संचालक मुजाहिद ने कहा कि इससे बेवजह की भागा-दौड़ी होगी और झंझट बढ़ जाएगा. एक ही लाइसेंस जैसे पुरानी व्यवस्था है, वही जारी रखनी चाहिए.

(रिपोर्ट: चमन शर्मा, अलीगढ़)

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