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Agra: अयोध्या के जगदगुरु परमहंसाचार्य को ताजमहल में नहीं मिली एंट्री, बोले- भगवा पहनने की वजह से रोका गया

इस मामले पर पुरातत्व अधीक्षक आरके पटेल का कहना है कि जगत गुरु परमहंसाचार्य अपने साथ एक लोहे का डंडा लिए हुए थे. जिसे साथ ले जाने के लिए मना किया गया था. जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें डंडा वहीं रख कर जाने को कहा था तो वह इस बात पर तैयार नहीं हुए और उन्हें बाहर ही रोक दिया गया.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Agra
Updated Date
Jagadguru Paramhansacharya
Jagadguru Paramhansacharya
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Agra News: अयोध्या की तपस्वी छावनी के जगदगुरु परमहंसाचार्य को ताजमहल के अंदर जाने से रोक दिया गया. इसके बाद आगरा में धार्मिक संगठनों में इस बात को लेकर हलचल है. जगदगुरु का आरोप है कि वह ताज महल में दबी हुई भगवान शिव की पिंडी को देखने के लिए आगरा पहुंचे थे. लेकिन सुरक्षा गार्डों ने भगवा कपड़ों और ब्रह्मा दंड के चलते उन्हें अंदर नहीं जाने दिया. यहां तक कि उनके टिकट को दूसरे पर्यटकों को बेचकर रुपए वापस कर दिए. वहीं जब वे यहां से वापस जाने लगे तो पुलिसकर्मियों ने उनसे माफी भी मांगी.

जगदगुरु परमहंसाचार्य ने बताया अलीगढ़ के एक उनके भक्त के परिवार में एक महिला की तबीयत खराब थी जिसे आशीर्वाद देने के लिए वह अलीगढ़ तक आए थे. इसके बाद वह आगरा में अपने 3 शिष्यों के साथ पहुंचे और उन्होंने ताजमहल देखने की इच्छा जाहिर की. जब वह ताजमहल देखने पहुंचे तो उनके साथ एक सरकारी गनर भी मौजूद था. श्मशान घाट चौराहे से जगदगुरु गोल्फ कार में बैठकर पश्चिमी गेट तक पहुंचे और करीब शाम 5:30 बजे वह अपने शिष्यों के साथ ताज महल में प्रवेश करने लगे. वहां मौजूद सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें रोक दिया उनके भगवा कपड़ों को लेकर जवानों ने आपत्ति जताई. वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि अपने शिष्यों के साथ फोटो खिंचवाने पर सुरक्षाकर्मियों ने मोबाइल लेकर उनके फोटो डिलीट कर दिए.

वहीं परमहंसाचार्य ने कहा कि यह ताजमहल नहीं तेजो महालय है. यहाँ भगवान शिव की पिंडी दबी हुई है. इसलिए वह आज यहां उसे देखने आए हैं और मुझे यहां अंदर नहीं घुसने दिया गया है. उनके शिष्य परमहंस ने बताया कि हमें गेट पर कहा गया था कि योगी जी को भी यहाँ भगवा पहनने पर रोका गया था. इस पूरे मामले पर पुरातत्व अधीक्षक आरके पटेल का कहना है कि जगत गुरु परमहंसाचार्य अपने साथ एक लोहे का डंडा लिए हुए थे. जिसे साथ ले जाने के लिए मना किया गया था. जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें डंडा वहीं रख कर जाने को कहा था तो वह इस बात पर तैयार नहीं हुए और उन्हें बाहर ही रोक दिया गया.

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