Shaheed Diwas: भारत का स्वतंत्रता आंदोलन महान बलिदानों से निर्मित हुआ है. क्रांतिकारी वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत ने पूरे देश में स्वतंत्रता की अमित अलख जगा दी थी. ऐसे क्रांतिकारी सेनानियों को याद करना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है और यह हमें देश से प्रेम और समर्पण की प्रेरणा देता है.
शहीद दिवस पर क्रांतिकारियों को दी गई श्रद्धांजलि
हिंदू कालेज में शहीद दिवस पर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए प्राचार्य प्रो अंजू श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदू कालेज का इतिहास भी क्रांतिकारियों के गौरवशाली अध्याय से जुड़ा है. राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रो श्रीवास्तव ने कहा कि क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने आंदोलन के दिनों में कुछ दिन हिंदू कालेज के छात्रावास में गुप्त निवास किया था. असेंबली में बम फेंकने के बाद चंद्रशेखर आजाद को अंग्रेजों से बचाने के लिए कॉलेज हॉस्टल के वार्डन निगम ने होस्टल में पनाह दी थी. जब अंग्रेजी सैनिक चंद्रशेखर आजाद को पकड़ने के लिए कॉलेज पहुंचे तो वार्डन ने साफ इनकार कर दिया.
क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत
प्रो श्रीवास्तव ने युवा विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे ऐसे वीर क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लें.
राष्ट्रीय सेवा योजना के क्रायक्रम अधिकारी डॉ पल्लव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से हम बार बार सीख सकते हैं जिसने बेहद शक्तिशाली विदेशी हुकूमत को चुनौती दी और अंतत: स्वाधीनता प्राप्त की. हिंदी विभाग प्रभारी प्रो बिमलेंदु तीर्थंकर, प्रो रचना सिंह सहित अन्य शिक्षकों ने भी संगोष्ठी में विचार व्यक्त किए. इससे पहले राष्ट्रीय सेवा योजना उपाध्यक्ष नेहा यादव ने सभी का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया. अंत में विद्यार्थी अध्यक्ष निशांत सिंह ने आभार व्यक्त किया.
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