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Rajasthan Political Crisis: राजस्थान में जारी घमसान के बीच BJP ने की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा

By Prabhat khabar Digital
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Satish Poonia
Satish Poonia
File Photo

जयपुर : राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नयी प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा शनिवार को की, जिसमें आठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं चार महामंत्री शामिल हैं. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि नयी कार्यकारिणी में पार्टी ने सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा है और युवाओं के साथ-साथ अनुभवी नेताओं को भी मौका दिया गया है.

नयी कार्यकारिणी में सांसद सी पी जोशी, विधायक चंद्रकाता मेघवाल, पूर्व विधायक अलका गुर्जर, अजयपाल सिंह, हेमराज मीणा, प्रसन्न मेहता, मुकेश दाधीच एवं माधोराम चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसी तरह सांसद दीया कुमारी, विधायक मदन दिलावर, सुशील कटारा एवं भजनलाल शर्मा को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है.

पूनियां ने कहा , ‘भाजपा एक राजनीतिक पार्टी है जो न केवल चुनाव लड़ती है बल्कि सामाजिक मोर्चे पर भी काम करती है. कोरोना संकट के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के काम को लोगों ने देखा है.' प्रदेश की 25 सदस्यों की इस कार्यकारिणी में नौ प्रदेश मंत्री भी हैं. इसके साथ ही पार्टी ने एक अनुशासन समिति भी गठित की है.

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि राजस्थान में जारी तमाशे को बंद करवाएं. गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि भाजपा उनकी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का बड़ा खेल खेल रही है. उन्होंने अपने बागी विधायकों को माफ करने की बात भी कही.

गहलोत ने कहा कि अगर पार्टी आलाकमान बागियों को माफ कर देते हैं तो वे भी उन्हें गले लगा लेंगे. उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से इस बार भाजपा का निर्वाचित प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त का खेल बहुत बड़ा है क्योंकि खून उनके मुंह लग चुका है. कर्नाटक और मध्य प्रदेश में... इसलिए वो प्रयोग भाजपा वाले यहां कर रहे हैं... पूरा गृह मंत्रालय इस काम में लग चुका है. धर्मेंद्र प्रधान की तरह कई मंत्री लगे हुए हैं, पीयूष गोयल लगे हुए हैं, कई नाम छुपे रुस्तम की तरह भी वहां पर हैं, हमें मालूम है.'

गहलोत ने कहा, ‘... हम किसी की परवाह नहीं कर रहे हैं, हम तो लोकतंत्र की परवाह कर रहे हैं. हमारी लड़ाई किसी से नहीं है. लड़ाई होती है लोकतंत्र में विचारधारा की, नीतियों की, कार्यक्रमों की होती है. लड़ाई ये नहीं होती है कि आप चुनी हुई सरकार को बर्बाद कर दो, उसको गिरा दो, फिर लोकतंत्र कहां बचेगा? हमारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने के लिए है, व्यक्तिगत किसी के खिलाफ नहीं है.'

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.

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