राजस्थान: Just Baat के फाउंडर कोणार्क जैन ने शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी से बेरोजगारी, भूमाफिया, जमीन अधिग्रहण और राजस्थान की राजनीति समेत कई मुद्दों पर बातचीत की. पॉडकास्ट में भाटी ने बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे क्षेत्रों में सोलर और विंड पावर परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण, उचित मुआवजा नहीं मिलने और भूमाफियाओं के कथित शोषण को लेकर चिंता जताई.
रविंद्र सिंह भाटी ने कहा- दिल्ली में बैठे नीति-निर्माताओं को धरातल का पता नहीं
बातचीत के दौरान रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि जयपुर और दिल्ली में बैठे नीति-निर्माताओं को जमीनी हकीकत का पूरा अंदाजा नहीं है. उनके मुताबिक कैबिनेट बैठकों में स्थानीय प्रभाव का आकलन किए बिना बड़े स्तर पर जमीन आवंटन किया जा रहा है. भाटी ने ओरण और गोचर भूमि के महत्व का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन जमीनों को सदियों से आस्था और सामाजिक परंपराओं के कारण संरक्षित किया गया है, लेकिन अब विकास के नाम पर इनके अस्तित्व पर असर पड़ रहा है.
छात्र राजनीति से निर्दलीय विधायक बनने तक का सफर
रविंद्र सिंह भाटी ने बातचीत में अपने राजनीतिक सफर पर भी बात की. उन्होंने बताया कि किस तरह छात्र राजनीति से निकलकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. उन्होंने अपनी सुरक्षा हटाए जाने और गिरल विरोध प्रदर्शन के दौरान खुद पर पेट्रोल डालने की घटना का भी जिक्र किया. भाटी ने कहा कि वह खुद को सिर्फ एक चेहरा मानते हैं और असली ताकत जनता की है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया.
राजनीति में पैसा नहीं, जनता का विश्वास जरूरी
भाटी ने कहा कि उनके लिए राजनीति में पैसा सबसे महत्वपूर्ण नहीं है. उनका मानना है कि जनता का विश्वास और सेवा भाव राजनीति की असली ताकत है. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कुछ खोया नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा से बहुत कुछ पाया है. उन्होंने संघर्ष और ‘रगड़ाई’ यानी लगातार मेहनत को जीवन के लिए जरूरी बताया.
चंद्रशेखर, अटल बिहारी वाजपेयी और सरदार पटेल से प्रेरणा
रविंद्र सिंह भाटी ने बताया कि वह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, अटल बिहारी वाजपेयी और सरदार वल्लभ भाई पटेल से प्रेरित हैं. उन्होंने इन नेताओं के विजन और संघर्ष की सराहना की. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में संघर्ष और लगातार मेहनत बेहद जरूरी है और यही सोच उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है.
स्कूल-कॉलेज के दिनों की भी साझा की यादें
पॉडकास्ट में भाटी ने अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों से जुड़ी यादें भी साझा कीं. उन्होंने कहा कि समय के साथ बहुत कुछ बदल गया है, लेकिन उनके लिए आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव आज भी सबसे महत्वपूर्ण है.
निजी जीवन पर भी की बात
कोणार्क जैन ने रविंद्र सिंह भाटी से उनके निजी जीवन से जुड़े पहलुओं पर भी बातचीत की. पॉडकास्ट में उनके राजनीतिक सफर, सामाजिक मुद्दों, व्यक्तिगत सोच और राजस्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई. पूरी बातचीत Just Baat के YouTube चैनल पर उपलब्ध है.
