Rourkela News: मतदान में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेजों को एसआइआर में किया जाये शामिल : सुहैल अख्तर कासमी
Rourkela News: विशेष गहन पुर्ननिरीक्षण (एसआइआर) को लेकर ईमारत-ए-शरिया, फुलवारीशरीफ, पटना की एक विशेष टीम ने ओडिशा के पांच जिलों में लोगों को जागरूक किया है. इसके पहले चरण में ओडिशा के पांच जिलों में 25 से अधिक अलग-अलग जागरुकता कार्यक्रम चलाये गये तथा 1250 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया गया है. 16 से 25 अप्रल के बीच 10 दिनों के अंदर इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया. अपने पूरे अनुभव को ईमारत-ए-शरिया की टीम ने शनिवार को प्लांट साइट स्थित इमारत-ए-शरिया, राउरकेला शाखा में मीडिया से साझा किया.
एसआइआर के बारे में लोगों को जागरूक करने को चलाया जा रहा अभियान
इमारत-ए-शरिया बिहार, ओडिशा एवं झारखंड के उप काजी सुहैल अख्तर कासमी ने कहा कि जिन दस्तावेजों के आधार पर वोट देने का अधिकार दिया गया है, जिससे हमारी सरकार बनती है. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक चुने जाते हैं, उन दस्तावेजों को भी एसआइआर में शामिल किया जाना चाहिए. कहा कि 108 साल पुरानी यह संस्था देश हित के लिए हमेशा काम करती रही है. आम लोगों से जुड़े अहम मुद्दों को समय-समय पर उठाया जाता रहा है. हुकूमत द्वारा शुरू कराये गये एसआइआर को लेकर लोगों में मुकम्मल जानकारी नहीं थी, लिहाजा संस्था प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है, ताकि नागरिकों का नाम एसआइआर में जुड़ सके. अमीर-ए-शरियत हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी के निर्देश पर ईमारत-ए-शरिया की टीम यह अभियान चला रही है. पटना के फुलवारी शरीफ स्थित मुख्यालय से गठित टीमें विभिन्न राज्यों में जाकर लोगों को प्रशिक्षण दे रही हैं. ओडिशा के पांच जिलों क्रमश: कटक, जगतसिंहपुर, पुरी, खुर्दा और सुंदरगढ़ जिले में शिविर लगाये जा चुके हैं. खासकर सुंदरगढ़ की बात करें, तो पानपोष, कोयलबैंक, प्लांट साइट, सेक्टर-15, बिसरा, बणई, लुहणीपाड़ा और रासपत्रा सहित कई इलाकों में भी प्रशिक्षण शिविर लगाया गया.
शिविर में लोगों को एसआइआर प्रक्रिया की दी गयी जानकारी
कासमी ने बताया कि शिविर में लोगों को एसआइआर से जुड़े आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और ऑनलाइन-ऑफलाइन फॉर्म भरने की जानकारी दी गयी, ताकि संशोधित दस्तावेज जमा करने के बाद उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके. मुफ्ती सुहैल ने कहा कि एसआइआर में कुछ दस्तावेजों को मान्यता नहीं मिलने से लोगों में भ्रम और परेशानी की स्थिति उत्पन्न हो रही है. आम नागरिकों के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें स्पष्ट और सरल दिशा-निर्देश दिये जायें. उन्होंने सुझाव दिया कि सामान्य पहचान के लिए उपयोग में आने वाले दस्तावेजों को भी मान्यता दी जानी चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. मुफ्ती सुहैल ने कहा कि एसआइआर में कुछ आवश्यक दस्तावेजों को मान्यता नहीं दिये जाने से लोगों में भ्रम है. उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि इमारत-ए-शरिया कई सरकारी निर्णयों और बिल का विरोध करता रहा है, लेकिन एसआइआर अभियान में वह सरकार का सहयोग कर रहा है. मौके पर मौलाना कमर अनीस कासमी और मुफ्ती मुजीबुर रहमान कासमी ने अभियान के बारे में जानकारी दी. हाजी शकील, सरफराज तारिक (गुड्डू भाई), मो अनवर और मो आरिफ समेत कई लोग उपस्थित थे.
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों फॉर्म भरें
टीम ने कहा कि गड़बड़ियां नाम की स्पेलिंग को लेकर भी होती है. लिहाजा हमने सभी से अपील की है कि वे ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन जानकारी भी दें. बीएलओ तो अपने स्तर पर काम करेगा ही, लेकिन हम खुद भी ऑनलाइन अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं, जिसमें गलती की गुंजाइश काफी कम होगी. एक बीएलओ को 1500 से अधिक लोगों की जानकारी का दस्तावेजीकरण करना है, लेकिन हम अपनी जानकारी खुद जमा कर सकते हैं.
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