Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार ने राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस नेटवर्क और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन ढांचे के विस्तार को तेज करने के उद्देश्य से ‘ओडिशा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति, 2026’ को अधिसूचित कर दिया है. यह नीति आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा जारी की गयी है और आधिकारिक गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी हो गयी है. इसका उद्देश्य घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस को स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल ईंधन के रूप में बढ़ावा देना है, जो विकसित ओडिशा की परिकल्पना और भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों के अनुरूप है.
पांच सीजीडी संस्थाओं को राज्य के सभी 30 जिलों में कार्यान्वयन के लिये अधिकृत किया
नीति के तहत पीएनजी कनेक्शन, सीएनजी स्टेशनों और संबंधित अवसंरचना के तेजी से विकास के लिए समयबद्ध और सरल अनुमोदन प्रक्रिया लागू की जायेगी. इसके माध्यम से परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने पर जोर दिया गया है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ओडिशा ने पहले ही पांच सीजीडी संस्थाओं को राज्य के सभी 30 जिलों में कार्यान्वयन के लिये अधिकृत किया है. नीति के तहत लगभग नौ लाख घरेलू पीएनजी कनेक्शन और 271 सीएनजी स्टेशनों के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें करीब 5,100 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है. आवास एवं शहरी विकास विभाग को इस नीति के कार्यान्वयन के लिए नोडल विभाग बनाया गया है.
स्थानीय निकायों के सहयोग से बायोगैस परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति तथा जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समितियां परियोजनाओं के समन्वय, स्वीकृतियों और प्रगति की निगरानी करेंगी. नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस, मानकीकृत शुल्क व्यवस्था, जीआइएस आधारित भूमिगत अवसंरचना मैपिंग, सीएनजी स्टेशनों एवं सिटी गेट स्टेशनों के लिए भूमि आवंटन में प्राथमिकता तथा भवन योजनाओं एवं शहरी मास्टर प्लान में पीएनजी पाइपलाइन प्रावधानों को शामिल करने जैसे प्रावधान किये गये हैं. सरकार ने पाइपलाइन बिछाने से संबंधित अनुमति एवं पर्यवेक्षण शुल्क को 31 मार्च 2027 तक माफ करने का निर्णय लिया है, ताकि अवसंरचना का तेजी से विस्तार हो सके. साथ ही नीति में सुरक्षा मानकों, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था, पीएनजी व सीएनजी की निर्बाध आपूर्ति को आवश्यक सेवा के रूप में सुनिश्चित करने तथा स्थानीय निकायों के सहयोग से संपीड़ित बायोगैस परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, शहरी ढांचे के विकास, प्रदूषण में कमी लाने तथा बड़े पैमाने पर रोजगार और निवेश के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगी.
