Sambalpur News: पारादीप-राउरकेला वृहद औद्योगिक कॉरिडोर राज्य के आर्थिक विकास को गति देगा. अनुगूल इसमें एक प्रमुख हब बनेगा. अनुगूल जिले में पिछले साल 1800 करोड़ और इस साल 559 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया है. अनुगूल में चार दिवसीय 13वें जिला महोत्सव का उद्घाटन करते हुए शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह बातें कही. उन्होंने कहा कि अनुगूल संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य के लिए हमेशा अनोखा रहा है. यह महोत्सव क्षेत्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करता है.
अनुगूल संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक विकास का अनुपम संगम
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि ओडिशा के हृदय में बसा अनुगूल संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक विकास का अनुपम संगम है. सतकोसिया, महानदी-ब्राह्मणी नदियां व पहाड़ इसे पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाते हैं, जबकि नाल्को, एमसीएल व एनटीपीसी ने इसे औद्योगिक हब बना दिया. मुख्यमंत्री ने जिले के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि ओडिशा निर्माण में अनुगूल का संघर्ष महत्वपूर्ण रहा. कोयला खदानें व थर्मल प्लांट इसे राज्य का ‘पावर सेंटर’ बनाते हैं. तालचेर का प्रस्तावित इंटीग्रेटेड सरफेस कोल गैसीफिकेशन प्लांट ऊर्जा सुरक्षा व रोजगार बढ़ायेगा. कार्यक्रम को अनुगूल विधायक प्रताप चंद्र प्रधान और पाल्लहड़ा विधायक अशोक मोहंती ने भी संबोधित किया.
मशहूर गायक मंटू छुरिया ने संबलपुरी गीतों से मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले और राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया. उन्होंने सोविनियर ‘आम जिला, आम कथा’ का विमोचन भी किया. तालचेर विधायक ब्रज किशोर प्रधान ने मुख्यमंत्री से इलाके के लोगों की अलग-अलग समस्याओं को हल करने का अनुरोध किया. इससे पूर्व सालेश्री स्थित जगन्नाथ मंदिर से सांस्कृतिक जुलूस के साथ मशाल को महोत्सव स्थल पर लाया गया. महोत्सव स्थल पर मशाल लगाने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई. पहली शाम का आकर्षण मशहूर गायक मंटू छुरिया थे. उन्होंने एक के बाद एक संबलपुरी हिट गाने गाकर दर्शकों का मन मोह लिया. अलग-अलग सांस्कृतिक ग्रुप ने नृत्य एवं रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी. इसके साथ ही स्टेडियम के अंदर ओरमास की तरफ से पल्लीश्री मेला और स्वदेशी मेला भी शुरू हो गया है, जो छह दिन चलेगा.
