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MP News: बच्चियों को गांव में घुमाया गया निर्वस्त्र! दावा- खुश होंगे बारिश के देवता, वीडियो सामने आया

दमोह के जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) डी आर तेनिवार ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय प्रचलित कुप्रथा के तहत बारिश के देवता को खुश करने के लिए कुछ नाबालिग लड़कियों को नग्न कर घुमाने का काम किया गया था.

By Prabhat khabar Digital
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दमोह में बच्चियों को गांव में घुमाया गया निर्वस्त्र!
दमोह में बच्चियों को गांव में घुमाया गया निर्वस्त्र!
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MP News: मध्य प्रदेश से एक ऐसी खबर आ रही है जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. जी हां...प्रदेश के दमोह जिले के एक गांव में कथित तौर पर बारिश के लिए देवता को खुश करने और सूखे जैसी स्थिति से राहत पाने के लिए एक कुप्रथा के तहत छह बच्चियों को निर्वस्त्र कर दिया गया. इतना ही नहीं इन्हें गांव में घुमाया भी गया.

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मामले में संज्ञान लिया है और दमोह जिला प्रशासन से इस घटना की रिपोर्ट तलब की है. इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र के दमोह जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर जबेरा थाना क्षेत्र के बनिया गांव में रविवार को यह घटना हुई.

दमोह के जिलाधिकारी एस कृष्ण चैतन्य ने मामले को लेकर कहा कि एनसीपीसीआर को रिपोर्ट सौंपी जाएगी. जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) डी आर तेनिवार ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय प्रचलित कुप्रथा के तहत बारिश के देवता को खुश करने के लिए कुछ नाबालिग लड़कियों को नग्न कर घुमाने का काम किया गया था. आगे उन्होंने कहा कि पुलिस इस घटना की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

डी आर तेनिवार ने कहा कि ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रथा के परिणामस्वरूप बारिश हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, सूखे की स्थिति के चलते बारिश ना होने के कारण पुरानी मान्यता के मुताबिक गांव की छोटी-छोटी बच्चियों को नग्न कर उनके कंधे पर मूसल रखा जाता है और इस मूसल में मेंढक को बांधने की प्रथा है. बताया जा रहा है कि बच्चियों को पूरे गांव में घुमाते हुए महिलाएं पीछे-पीछे भजन करती हुई जाती हैं और रास्ते में पड़ने वाले घरों से यह महिलाएं आटा, दाल या अन्य खाद्य सामग्री मांगते हैं और जो भी खाद्य सामग्री एकत्रित होती है उसे गांव के ही मंदिर में भंडारा के माध्यम से पूजन किया जाता है.

मान्यता है कि इस प्रकार की कुप्रथा करने से बारिश के देवता खुश होते हैं और वर्षा होने लगती है. अधिकारी ने कहा कि इन लड़कियों के माता-पिता भी इस घटना में शामिल थे और अंधविश्वास के तहत उन्होंने ऐसा कराया. इस संबंध में किसी भी ग्रामीण ने कोई शिकायत नहीं की है. जिला कलेक्टर ने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन केवल ग्रामीणों को इस प्रकार के अंधविश्वास की निरर्थकता के बारे में जागरूक कर सकता है और उन्हें समझा सकता है कि इस तरह की प्रथाओं से वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं.

इस बीच, घटना के दो वीडियो भी सामने आए हैं जो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इसमें में बच्चियां निर्वस्त्र नजर आ रहीं हैं.

Posted By : Amitabh Kumar

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