मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा का दो दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. सत्र शुरू होने की पूर्व संध्या पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने एक दूसरे को निशाने पर लेते हुए हमला बोला है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अघोषित आपातकाल है. तो, दिल्ली में क्या हो रहा है? आप ‘अन्नदाता’ को आतंकवादी कह रहे हैं. जो भी किसानों को आतंकवादी कहता है, वह इंसान कहलाने लायक नहीं है.
वहीं, महाराष्ट्र के महाविकास आघाड़ी सरकार पर हमला बोलते हुए देवेंद्र फडणावीस ने कहा है कि कल से राज्य विधानसभा का दो दिन का सत्र है. कम-से-कम दो सप्ताह के सत्र की हमारी मांग को ठुकरा दिया गया. यह सरकार चर्चा से घबराती है. जो सरकार किसान और महिलाओं के प्रश्नों पर बात नहीं करती, हम उसके चाय-पान में नहीं जायेगे. हमने चाय-पान का बहिष्कार किया है.
उन्होंने कहा है कि मराठा आरक्षण पर इस सरकार की नीति पूरी तरह से ढुलमुल रही है. इसकी नीति के कारण ही मराठा आरक्षण जो हाईकोर्ट से वैध तय हुआ था, उस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी. इसके साथ ही सरकार के विधायक और मंत्री ओबीसी आरक्षण पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं. ओबीसी समाज में आरक्षण छिनने का डर है.
मालूम हो कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा था कि आंदोलन अब किसानों का नहीं रहा, क्योंकि इसमें ”वामपंथी और माओवादी तत्व घुस आये हैं” जो ”राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में” जेल में बंद लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं.
