Mansukh Hiren Death Case उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली संदिग्ध कार के मालिक मनसुख हिरेन की मौत मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वझे को लेकर महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है. इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि विपक्ष द्वारा सचिन वझे को ओसाम बिन लादेन की तरह पेश किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि मनसुख हिरेन की मौत मामले में निष्पक्ष और विस्तृत जांच होने दें. इस केस में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि हम किसी भी दोषी को पहले फांसी देकर बाद में जांच नहीं करते हैं. हमारे देश में कानून इस तरह काम नहीं करता है.
महाराष्ट्र के सीएम ने यह भी कहा कि सचिन वझे 2008 तक शिवसेना में थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने अपनी सदस्यता नहीं बढ़ाई और सचिन वझे का शिवसेना से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि मनसुख हिरेन केस की जांच भी बिल्कुल मोहन डेलकर केस की तरह किया जाएगा. जांच से पहले हम किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचेंगे.
दरअसल, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि सचिन वझे को किसी वकील की जरूरत नहीं, क्योंकि खुद सीएम उद्धव ठाकरे वझे के वकील बने हुए है. मुझे समझ नहीं आ रहा कि सचिन वझे के पास ऐसी कौन सी जानकारी है कि सरकार उसे बचाने में लगी है. मनसुख हिरेन केस में मुंबई पुलिस के एपीआई सचिन वझे को मुंबई क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया है. इसे लेकर महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी. वहीं, भाजपा इस मामले में सचिन वझे की गिरफ्तारी की मांग कर रही है.
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