कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या देश में हर गुजरते दिन के साथ तेजी से बढ़ रही है. कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने प्रोफेशनल-नॉन प्रोफेशनल कोर्स के अंतिम वर्ष/अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि वर्तमान माहौल किसी भी परीक्षा या कक्षाओं का संचालन करने के लिए अनुकूल नहीं है. महाराष्ट्र सरकार ने विश्वविद्यालयों द्वारा तय किए गए फार्मूले के आधार पर डिग्री प्रदान करने का भी निर्णय लिया है.
इस बात की जानकारी शुकरवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने दी. छात्रों को पिछले प्रदर्शन के आधार पर पास किया जाएगा. एएनआई के मुताबिक, सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. इसमें राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष अधिकारियों जैसे एआईसीटीई, सीओए, पीसीआई, बीसीआई, एनसीटीई और नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है ताकि प्रोफेशनल कोर्स को लेकर वे राज्य सरकार के फैसले का समर्थन करें और विश्वविद्यालयों को दिशा निर्देश जारी करें.
बता दें कि मुख्यमंत्री ठाकरे ने हाल ही में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से बात के बाद कहा था परीक्षाएं कब आयोजित की जा सकती हैं, इस पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है. छात्रों के भविष्य को इसके कारण खतरे में नहीं डाला जा सकता है. इसके बाद महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने 8 मई को घोषणा की थी कि अंतिम वर्ष के छात्रों को छोड़कर पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों को पिछले सेमेस्टर के नंबरों के आधार पर पास किया जाएगा.
फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को परीक्षाएं देनी होंगी. लेकिन अब कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए स्टूडेंट्स के लिए परीक्षाएं आयोजित कराना संभव नहीं है. महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने 8 मई को घोषणा की थी फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को छोड़कर पहले और दूसरे ईयर के स्टूडेंट्स को पिछले सेमेस्टर के नंबरों के आधार पर पास किया जाएगा.
फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को परीक्षाएं देनी होंगी. लेकिन अब कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए स्टूडेंट्स के लिए परीक्षाएं आयोजित कराना संभव नहीं है. ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने अंतिम वर्ष के छात्रों को पिछली परफॉर्मेंस के आधार पर पास करने का निर्णय लिया है.
Posted By: Utpal kant
