ड्रग्स मामले में दंपती को मिली 10 वर्ष की सजा, मां बोलीं- सही दिशा में चल रही जांच, कतर से वापसी का कर रहे इंतजार, ...जानें पूरा मामला?

मुंबई : मोहम्मद शरीक कुरैशी और उनकी पत्नी ओनिबा का परिवार एनसीबी और सरकार की मदद से कतर से दंपती की वापसी का इंतजार कर रहा है. मालूम हो कि दंपती को ड्रग पेडलिंग के आरोप में साल 2019 में कतर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था.

मुंबई : मोहम्मद शरीक कुरैशी और उनकी पत्नी ओनिबा का परिवार एनसीबी और सरकार की मदद से कतर से दंपती की वापसी का इंतजार कर रहा है. मालूम हो कि दंपती को ड्रग पेडलिंग के आरोप में साल 2019 में कतर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था.

बताया जाता है कि हनीमून पर कतर जा रहे नवविवाहित मोहम्मद शरीक कुरैशी और उनकी बेगम ओनिबा शकीर को उनकी ही एक चाची ने एक बैग दिया था. साथ ही कहा था कि इस बैग में जर्दा और पान मसाला है, जिसे दोहा के एक व्यक्ति को दिया जाना है.

शरीक की मां का कहना है कि एनसीबी और सरकार ने हमे समर्थन दिया है. जांच में एनसीबी ने पाया कि नवविवाहित दंपती को नहीं पता था कि उनके पास बैग में ड्रग्स है. जांच सही दिशा में जा रही है. मुझे भरोसा है कि एनसीबी अपने बच्चों के लिए कतर जायेगी. साथ ही कहा कि चाची उनके बहुत करीब थीं. हमने ऐसा होने की कल्पना नहीं की थी.

मालूम हो कि कतर में ड्रग्स से संबंधित मामलों में स्पीडी ट्रायल होता है. सुनवाई के बाद कतर की सुप्रीम ज्युडिशयरी काउंसिल ने नवविवाहित दंपती को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही दोनों पर छह लाख रियाल का जुर्माना भी लगाया है.

भारत में शरीक के ससुर ने कतर में भारतीय दूतावास को पत्र लिख कर सूचना दी कि उनके बेटी-दामाद निर्दोष हैं. दोनों को जान-बूझ कर फंसाया गया है. इसके बाद पिछले साल सितंबर में उन्होंने एनसीबी प्रमुख राकेश अस्थाना को भी खत लिखा था.

इसके बाद एनसीबी ने पूरे मामले की जांच की. जांच के बाद शरीक की चाची तबस्सुम रियाज के पश्चिम एशिया में अच्छे खासे संबंध होने और ड्रग तस्करी गिरोह से जुड़े होने की सूचना मिली. अब एनसीबी कतर प्रशासन से बातचीत कर समझाने की कोशिश में लगी है कि नवविवाहित दंपती निर्दोष हैं.

बताया जाता है कि हनीमून पर जाने के लिए शरीक की चाची ने ही कतर जाने के लिए मुंबई से प्लेन में टिकट बुक ना करके बेंगलुरु से छह जुलाई, 2019 को टिकट बुक किया था. कतर के दोहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने सामान की चेकिंग की. शरीक और ओनिबा के बैग कस्टम से क्लियर हो गये.

वहीं, उनकी चाची के दिये बैग के बारे में अधिकरियों ने पूछा, तो उन्होंने पान मसाला होने की सूचना दी. लकिन, जब बैग की तलाशी ली गयी तो उसमें से चार किलो चरस निकला. इसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया.

बताया जाता है कि कतर जाने के दौरान ओनिबा तीन महीने की गर्भवती थीं. उन्होंने कतर के जेल में ही बच्चे को जन्म दिया. वहीं, भारत में एनसीबी की टीम ने शरीक की चाची और उनके गैंग के साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. अब कोशिश की जा रही है कि निर्दोष दंपती को भारत कैसे लाया जाये.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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