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उत्तर प्रदेश में 4 किसानों की हत्या के विरोध में महाराष्ट्र बंद, दुकानों पर ताले, BEST की बसों को लगा ब्रेक

सुबह-सुबह धारावी, मानखुर्द, शिवाजी नगर, चारकोप, ओशिवरा, देवनार और इनऑर्बिट मॉल के पास नौ बसें क्षतिग्रस्त हो गयीं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Maharashtra Bandh: बेस्ट की बसें डिपो में पार्क कर दी गयीं. सड़कें रहीं सुनसान
Maharashtra Bandh: बेस्ट की बसें डिपो में पार्क कर दी गयीं. सड़कें रहीं सुनसान
PTI

मुंबई: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में चार किसानों की हत्या के विरोध में महाराष्ट्र में तीन सत्तारूढ़ दलों द्वारा बुलाये गये महाराष्ट्र बंद (Maharashtra Bandh) के मद्देनजर यहां कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं हुईं. इसके बाद बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) की बस सेवाएं सोमवार को मुंबई में बंद कर दी गयीं.

बेस्ट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सुबह-सुबह धारावी, मानखुर्द, शिवाजी नगर, चारकोप, ओशिवरा, देवनार और इनऑर्बिट मॉल के पास नौ बसें क्षतिग्रस्त हो गयीं. इनमें पट्टे पर किराये पर ली गयी एक बस भी शामिल है. बयान में कहा गया, ‘बेस्ट प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है और स्थिति की समीक्षा के बाद सभी डिपो से बसों का संचालन किया जायेगा.’

सत्तारूढ़ शिव सेना से संबद्ध बेस्ट कामगार सेना के नेता सुहास सामंत ने रविवार को एक वीडियो क्लिप में सभी बेस्ट कर्मचारियों से बंद का समर्थन करने की अपील की. बेस्ट बसें और कई पारंपरिक ‘काली-पीली कैब’ सड़कों से दूर रहीं, स्थानीय ट्रेनों से आने-जाने के लिए उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ थी, जो निर्धारित समय के अनुसार चल रहीं थीं.

महाराष्ट्र की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार में तीनों सहयोगी दलों शिव सेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस ने लोगों से किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए आधी रात से शुरू हुए बंद का पूरे दिल से समर्थन करने की अपील की थी.

सुबह के समय मुंबई और आसपास के इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की बिक्री करने वाली दुकानों को छोड़कर, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन शाह ने कहा कि उन्होंने बंद के समर्थन में दुकानों को आधे दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है.

शाह ने बताया, ‘दुकानें शाम चार बजे से फिर से खुलेंगी.’ शिव सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पिछले हफ्ते कहा था कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में सोमवार के बंद में पूरे जोर-शोर से हिस्सा लेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ‘किसान विरोधी’ नीतियों के खिलाफ लोगों को जगाना जरूरी है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गयी थी.

आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को ले जा रहे वाहनों से कुचले जाने से किसानों की मौत हो गयी, जिसके बाद गुस्सायी भीड़ ने इन वाहनों में सवार कुछ लोगों की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी. शनिवार रात केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को पुलिस ने लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर की हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया था. एनसीपी प्रवक्ता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने रविवार को कहा कि एमवीए केंद्रीय मंत्री अजय मीश्रा को बर्खास्त करने की मांग करता है.

आधी रात से शुरू हुआ बंद, रेल सेवाएं सामान्य

आधी रात को शुरू हुए बंद के दौरान आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं को नहीं रोका गया. वहीं, मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा, ‘हमारी सेवाएं निर्धारित समय से जारी हैं.’ ‘मुंबई टैक्सीमेंस यूनियन’ के महासचिव एएल क्वाड्रोस ने कहा, ‘काली-पीली टैक्सियां चल रही हैं, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है. शहर के हवाई अड्डे के बाहर टैक्सी संचालन प्रभावित नहीं हुई है.’

शहर में मेट्रो रेल सेवाएं भी सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं. महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के अधिकारियों ने बताया कि मुंबई से अन्य स्थानों के लिए उसकी बसें निर्धारित समय के अनुसार चल रही हैं और कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. शहर में बंद के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया. इससे अलावा अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मी भी तैनात किये गये थे.

सत्ताधारी गठबंधन ने प्रदर्शन किये, नारेबाजी भी की

सत्ताधारी गठबंधन सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर और बैनर लेकर ठाणे शहर, नवी मुंबई, कल्याण और वसई कस्बों में मोर्चे निकाले और लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की हत्या के विरोध में नारेबाजी की. स्थानीय नेताओं को कारोबारियों से अपनी दुकानें बंद रखने का अनुरोध करते देखा गया.

‘ठाणे स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन’ ने एक विज्ञप्ति जारी कर किसानों की हत्या किये जाने की निंदा की, लेकिन साथ ही कहा कि उद्योग एवं छोटे व्यापारी बंद के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि वे कोरोना से संबंधित प्रतिबंधों के कारण पहले ही काफी नुकसान झेल चुके हैं.

Posted By: Mithilesh Jha

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