नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
Novamundi News: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी स्थित आदिवासी एसोसिएशन भवन में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड आंदोलनकारी और पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने सेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि सेल कंपनी में ठेका कार्य के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान किया गया है और इसमें अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका है. पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि 6 जून 2024 को राकेश कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी को दिया गया कार्य कथित कमीशनखोरी और अंदरूनी मिलीभगत के आधार पर आवंटित किया गया. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है.
बिना काम के निकाले गए 11 करोड़ रुपये
मंगल सिंह बोबोंगा ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि संबंधित कंपनी ने न तो क्रेसिंग का कार्य किया, न ट्रांसपोर्टिंग और न ही स्टार्टिंग का कोई काम पूरा किया. इसके बावजूद फर्जी दस्तावेज और झूठे बिलों के आधार पर लगभग 11 करोड़ रुपये की निकासी कर ली गई. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की खुली लूट का उदाहरण है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान की अनुमति कैसे दे दी गई.
टेंडर प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
पूर्व विधायक ने कहा कि कम दर पर टेंडर दिए जाने के बावजूद कंपनी को कार्य आवंटित किया गया, जो कई संदेह पैदा करता है. उन्होंने पूछा कि आखिर किस आधार पर यह ठेका दिया गया और कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारियों ने भुगतान से पहले जांच क्यों नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि सेल के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से पूरे मामले को अंजाम दिया गया. उनका कहना था कि कमीशन के खेल में सरकारी कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है.
कई विभागों को भेजे गए दस्तावेज
मंगल सिंह बोबोंगा ने बताया कि मामले से जुड़े दस्तावेज और कथित साक्ष्य संबंधित विभागों को भेज दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि मेल और रजिस्ट्री पोस्ट के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई है. उन्होंने बताया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि सेल के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, इस्पात भवन नई दिल्ली, डायरेक्टर इंचार्ज बोकारो स्टील प्लांट, डायरेक्टर माइनिंग मनीष राज गुप्ता, माइनिंग विभाग के अन्य अधिकारियों, चीफ विजिलेंस और इस्पात मंत्रालय के सचिव को भी भेजी गई है.
15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन: बोबोंगा
प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा आंदोलन करेगा. उन्होंने कहा कि शुरुआत में सांकेतिक आंदोलन किया जाएगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे बड़े जनआंदोलन का रूप भी दिया जा सकता है. उनका कहना था कि जनता की संपत्ति की रक्षा करना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है.
सेल प्रबंधन पर पारदर्शिता का दबाव
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सेल प्रबंधन पर पारदर्शिता बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है. स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. कई लोगों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक बड़ा वित्तीय घोटाला साबित हो सकता है. हालांकि इस मामले में सेल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लोग अब जांच एजेंसियों और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.
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प्रेस वार्ता में कई आंदोलनकारी रहे मौजूद
आदिवासी एसोसिएशन भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड आंदोलनकारी केंद्रीय कमेटी के कई सदस्य भी मौजूद रहे. इस दौरान फिरोज अहमद, भगवान सिंकु, गौतम मिंज समेत अन्य आंदोलनकारियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई. सभी ने कहा कि यदि सरकारी संस्थानों में इस तरह की अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं होगी तो जनता का भरोसा कमजोर होगा. आंदोलनकारियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त लड़ाई जारी रखने की बात कही.
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