झारखंड में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, टोंटो के जंगल में मिला हथियारों का जखीरा

Jharkhand Naxal News: झारखंड में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम हो गयी है. सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के द्वारा जंगल में छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा बरामद किया है. कौन-कौन से हथियार और विस्फोटक मिले हैं, यहां पढ़ें.

Jharkhand Naxal News: झारखंड में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. पश्चिमी सिंहभूम के जंगलों और पहाड़ों पर नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रही टीम ने टोंटो के जंगल से हथियारों का जखीरा बरामद किया है. इसमें केन बम, कार्बाइन और राइफल शामिल हैं. नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए केन बम लगा रहे थे. सुरक्षा बलों ने बम निरोधक दस्ते की मदद से विस्फोटकों को नष्ट कर दिया.

पश्चिमी सिंहभूम पुलिस और सीआरपीएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन

सुरक्षा बलों को यह सफलता उस वक्त मिली, जब पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस और सीआरपीएफ-60 बटालियन के जवान मंगलवार को नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन पर निकले थे. टोंटो थाना क्षेत्र के वनग्राम हुसिपी के आसपास जंगली और पहाड़ी क्षेत्र में नक्सल डंप में विस्फोटक (केन बम व डेटोनेटर) और हथियार छिपाकर रखे गये थे.

  • टोंटो में नक्सली डंप ध्वस्त, केन बम, कार्बाइन और राइफल बरामद
  • सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन में मिली सफलता
  • सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने लगाये थे केन बम
  • बम निरोधक दस्ते की मदद से विस्फोटकों को सुरक्षा बलों ने किया नष्ट

विस्फोटकों को बम निरोधक दस्ते ने किया नष्ट

विस्फोटकों को बम निरोधक दस्ते की मदद से वहीं पर नष्ट कर दिया गया. नक्सल डंप को भी ध्वस्त कर दिया गया. नक्सली डंप से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस सहित दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गयी है.

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4 साल से गोइलकेरा और टोंटो में चल रहा पुलिस का अभियान

पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष शेखर ने बताया कि टोंटो और गोइलकेरा थाना क्षेत्र में पिछले 4 साल से ऑपरेशन चल रहा है. इस दौरान नक्सलियों ने टोंटो के जंगली और पहाड़ी क्षेत्र में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद छुपाकर रखे हैं. गुप्त सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह टोंटो के वनग्राम हुसिपी के आस-पास सर्च अभियान चलाया गया. इसी दौरान जवानों को यह सफलता मिली.

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नक्सली डंप से बरामद सामान

  • देसी पिस्तौल : 01
  • देसी कार्बाइन : 02
  • देसी बोल्ट एक्शन राइफल : 01
  • गोली 303-के राउंड : 13
  • गोली 62 एमएम राउंड : 08
  • 62 एसएलआर पिस्टल रड : 01
  • केन बम (करीब 10-10 किलो) : 02
  • डुअल डेटोनेटर ट्यूब : 29 नग (58 नग डेटोनेटर)
  • कॉर्डेक्स वायर बंडल : 05
  • वॉकी-टॉकी : 03
  • नक्सलियों की वर्दी : 06 पीस
  • नक्सलवाद से जुड़े बैनर : 02
  • स्पाइक रॉड : 95 पीस
  • कंटेनर के साथ दैनिक उपयोग के सामान

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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