चाईबासा : सारंडा के राजाबेड़ा गांव के पास 44 लाख से बने पुल के पहली बारिश में ही ढहने के मामले की जांच होगी. उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने चक्रधरपुर एसडीओ, चक्रधपुर एलआरडीसी और एनआरइपी के कार्यपालक अभियंता को जांच कर तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. उन्होंने ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभिंयता को पुल से संबंधित तमाम कागजात जांच टीम को उपलब्ध कराने को कहा है. उल्लेखनीय है कि प्रभात खबर ने अपने 27 जून के अंक में ‘ढह गया भ्रष्टाचार का पुल, जनता के 44 लाख रुपये बह गये पानी में’ शीर्षक से इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था.
होगी जांच, कैसे व क्यों ढहा 44 लाख का पुल
चाईबासा : सारंडा के राजाबेड़ा गांव के पास 44 लाख से बने पुल के पहली बारिश में ही ढहने के मामले की जांच होगी. उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने चक्रधरपुर एसडीओ, चक्रधपुर एलआरडीसी और एनआरइपी के कार्यपालक अभियंता को जांच कर तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. उन्होंने ग्रामीण विकास विशेष […]

बिना पिलर का था पुल : डीसी ने प्रथम दृष्टया
होगी जांच, कैसे व क्यों…
पाया है कि जिस जगह पुल ढहा है, उसके नीचे पिलर नहीं दिया गया था. डीसी ने प्रभात खबर में छपी तस्वीर को देखकर पाया है कि जिस जगह से पुल ढहा है, वहां पिलर था ही नहीं. अगर, पिलर होता तो पुल ढहने के बाद भी पिलर का ढांचा जरूर होता.
क्या है पूरा मामला : ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल की ओर से वर्ष 2015 में सारंडा के राजाबेड़ा गांव में 44 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण हुआ था. 25 जून 2016 को पुल ढह गया. पुल ढहने से राजाबेड़ा, जोजोगुटू, कासिया, पेचा, घाटकुडी, गंगदा आदि गांवों के बीच का संपर्क टूट गया है.
प्रभात खबर की रिपोर्ट पर डीसी ने लिया संज्ञान, तीन दिनों की मोहलत मिली
सारंडा
चक्रधरपुर एसडीओ, एलआरडीसी व एनआरइपी अभियंता क
रेंगे जांच
कार्यपालक अभिंयता को सभी कागजात देने को कहा
लैब में होगी निर्माण मेटेरियल की जांच : डीसी ने पुल बनाने में उपयोग किये गये मेटेरियल के सैंपल को लैब में भेजने का आदेश दिया है. पुल निर्माण में लगे सीमेंट, गिट्टी, छड़, बालू व अन्य मटेरियल की गुणवत्ता जांचने के बाद मिलाटव की असलियत सामने आयेगी.
सारंडा के राजाबेड़ा में पुल धंसने की जांच एसडीओ चक्रधरपुर, एलआरडीसी चक्रधपुर और एनआरइपी के अभियंता करेंगे. तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है. जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी.
डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि, उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम