कॉलेज का नाम बदलने की मांग पर डीसी से मिले छात्र, लगायी गुहार
नाम बदलने की मांग पर 18 जून से आंदोलन कर रहे हैं छात्र
चाईबासा : चाईबासा स्थित गवर्मेंट इंजीनियरिंग कॉलेज कॉलेज का नाम बदलने की मांग पर 18 जून से प्रदर्शन कर रहे करीब 900 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को डीसी ऑफिस पहुंचा. यहां डीसी डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि से मिलकर छात्रों ने कहा- सर कॉलेज का नाम नहीं बदला गया, तो 900 विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में चला जायेगा. झींकपानी के बिष्टुमपुर स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने कहा कि हमारी काउंसिलिंग गवर्मेंट इंजीनियरिंग कॉलेज चाईबासा के नाम से हुई थी.
वहीं नामांकन के बाद रजिस्ट्रेशन, प्रवेश-पत्र समेत तमाम प्रमाण-पत्र पर संस्थान का नाम टेक्नो इंडिया लिखा गया है. यह उनके साथ धोखाधड़ी है.
उन्हें चिंता है कि एक बैच का अंतिम वर्ष चल रहा है. अगर उन्हें रिजल्ट टेक्नो इंडिया के नाम से निर्गत किया गया, तो संभव है कि कंपनियां उनके प्रमाण पत्र को फर्जी करार देकर नौकरी नहीं देंगी. छात्रों ने कहा कि नाम बदले जाने तक वे आंदोलनरत रहेंगे. डीसी ने कॉलेज प्रबंधन को अपना पक्ष रखकर छात्रों की समस्या का समाधान करने का आदेश दिया.
पूर्व डीसी से मिला था प्रबंधन
बीते 24 जून को इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रबंधन पूर्व डीसी अबुबक्कर सिद्दीख पी से मिला था. डीसी ने कहा कि अब अगले दिन वह नये डीसी को चार्ज दे रहे हैं. अब नये डीसी के माध्यम से ही इस मामले में कुछ होगा. डीसी ने तत्काल एसडीओ को मामला देखने का आदेश दिया था.
मामले में है कई पेंच
प्रबंधन का कहना है कि नाम बदलने के लिए उसने एआइसीटीइ को लिखा है. एआइसीटीइ के माध्यम से नाम बदलने की प्रक्रिया लंबित है. जबकि, छात्रों ने एक पत्र का हवाला देते हुए है बताया है कि नाम बदलने की प्रक्रिया कॉलेज स्तर पर लंबित है. दूसरा मामला आ रहा है कि कॉलेज का नाम बदलने से टेक्नो इंडिया को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है. इस कारण टेक्नो इंडिया की ओर से नाम बदलने की प्रक्रिया नहीं की जा रही है.
काउंसिलिंग गवर्मेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के नाम से, नामांकन टेक्नो इंडिया में
डीएसपी ने छात्रों को समझाया, प्रबंधन से ली जानकारी
छात्रों के आंदोलन की सूचना पर जगन्नाथपुर डीएसपी मनोज कुमार झा मंगलवार को कॉलेज पहुंचे. वहां छात्रों की बात सुनी. किसी हालत में कानून अपने हाथ में नहीं लेने की हिदायत दी. कॉलेज प्रबंधन से पूछा कि छात्रों की समस्या का हल क्यों नहीं हो रहा है.
कॉलेज के पांच ब्रांच में पढ़ते हैं 900 विद्यार्थी
इंजीनियरिंग कॉलेज की कुल पांच शाखा (इसी, सीएसइ, सीइ, इसीसी तथा एमइ) है. इन पांचों ब्रांच में कुल 60-60 सीट हैं. तीन साल पहले इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई थी. लगातार तीन साल से सभी सीटों पर, सभी ब्रांचों में नामांकन हुआ था.
