मौत से जूझ रहे ब्रेन टीबी से ग्रसित दो बच्चे

चाईबासा : ब्रेन टीबी से ग्रसित एमटीसी में भर्ती दो बच्चे मौत और जिंदगी से जूझ रहे हैं. गोइलकेरा के रामसिंह गुमसोय (ढ़ाई साल) पिछले तीन सप्ताह से एमटीसी में भर्ती है. जबकि झींकपानी के जमादार तामसोय (डेढ़ साल) को अस्पताल में भर्ती हुये दो महीने हो चुके हैं. दोनों बच्चे ब्रेन टीबी से ग्रसित […]

चाईबासा : ब्रेन टीबी से ग्रसित एमटीसी में भर्ती दो बच्चे मौत और जिंदगी से जूझ रहे हैं. गोइलकेरा के रामसिंह गुमसोय (ढ़ाई साल) पिछले तीन सप्ताह से एमटीसी में भर्ती है. जबकि झींकपानी के जमादार तामसोय (डेढ़ साल) को अस्पताल में भर्ती हुये दो महीने हो चुके हैं. दोनों बच्चे ब्रेन टीबी से ग्रसित हैं. बच्चों में टीबी कई तरह से हो सकती है जैसे प्राइमरी कॉम्प्लेक्स, बाल टीबी, प्रोग्रेसिव प्राइमरी टीबी, मिलियरी टीबी (गंभीर किस्म),

दिमाग की टीबी, हड्डी की टीबी अथवा टीबी की गठानें. जांच के बाद दोनों बच्चों में ब्र्रेन टीबी पाया गया. जिसमें दिमाग में पानी भर जाता है तथा इससे बच्चे का शारीरिक विकास नहीं हो पाता. बच्चों में दिमाग की टीबी दो तरह से होती है. एक मेनिनजाइट्सि के रूप में और दूसरी गठान के रूप में. लक्षण बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करते हैं. उपरोक्त लक्षणों के अलावा सिरदर्द होना, उल्टियां होना,

झटके आना या बेहोश हो जाना साधारणतया दिमागी टीबी की ओर इशारा करते हैं. दोनों बच्चों को झटके आते रहते हैं. रामसिंह को नाक के जरिये तरल पदार्थ खाने को दिया जाता है. डॉक्टर का कहना है कि इस बीमारी में काफी दिनों तक इलाज चलता है. इससे ग्रसित हर बच्चा ठीक नहीं हो पाता.

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