जिले के विकास में खनन कंपनियां देंगी 300 करोड़
डीएमएफ में खनन कंपनियां जिला को भी देंगी राजस्व का तीन फीसदी हिस्सा
एनपीसीसी व चक्रधरपुर, चाईबासा के पीएचइडी कार्यपालक अभियंता पर कार्रवाई का आदेश
चाईबासा : डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) अगले माह से कोल्हान के तीनों जिले में सक्रिय हो जायेगा. इस डीएमएफ खाते में सरायकेला-खरसावां, पूर्वी तथा पश्चिमी सिंहभूम में आयरन ओर, हीरा पन्ना, बालू, पत्थर का खनन कर रही कंपनियां अपने मुनाफे का तीन फीसदी हिस्सा जमा करेंगी. अनुमान के अनुसार अकेले पश्चिमी सिंहभूम में लगभग 300 करोड़ रुपये आयेंगे. जिसे विकास कार्यों में खर्च किया जायेगा.
कोल्हान आयुक्त ने की समीक्षा:
कोल्हान आयुक्त अरुण ने बुधवार को आयुक्त कार्यालय के सभागार में डीएमएफ की प्रगति व तीनों जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि सरायकेला-खरसावां में डीएमएफ का बैंक खाता खुल गया है. पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम के डीएमएफ का अभी सरकार की ओर से पंजीयन नहीं हुआ है. अगले सप्ताह में दोनों जिला में डीएमएफ का बैंक खाता खुल जायेगा. इस दौरान पश्चिमी सिंहभूम के डीसी अबुबक्कर सिद्दीख, पूर्वी सिंहभूम डीसी डॉ अमिताभ कौशल, सरायकेला-खरसावां डीसी, डीडीसी उपस्थित थे.
मार्च में होगी गुड़ाबांदा पन्ना खदान की नीलामी: आयुक्त को गुड़ाबांदा में पन्ना खनन एरिया में अवैध खनन की शिकायत मिली थी. इस पर आयुक्त ने रोक लगाने का आदेश देते हुए खनन एरिया का सर्वे करने का निर्देश दिया था. आयुक्त को पूर्वी सिंहभूम के डीडीएम ने बताया कि खनन एरिया का सर्वे पूरा कर लिया गया है. अवैध खनन पर पूरी निगरानी रखी जा रही है. आयुक्त ने बताया कि मार्च में गुड़ाबांदा पन्ना खदान की नीलामी होगी.
आयुक्त ने डीसी से पूछा नक्सल एरिया में क्या हुआ है बदलाव
मुख्यमंत्री ने बीते साल के अप्रैल माह में हजारीबाग में एक बैठक की थी. जिसमें, नक्सल एरिया के लिए प्लान तैयार किया गया था. प्लान संचालित भी हो रहे हैं. आयुक्त ने तीनों जिला के डीसी से अप्रैल 2015 तथा आज की तारीख में नक्सल एरिया में हुए बदलावों की रिपोर्ट मांगी.
