जमशेदपुर/चाईबासा : नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) के रेग्युलेशन-2014 के मद्देनजर कोल्हान विश्वविद्यालय में दो वर्षीय सिलेबस की तैयारी लगभग अंतिम चरण में है. प्रावधानों के तहत सिलेबस में कुछ नये विषयों को जोड़ा गया है, तो कुछ विषयों का विस्तार भी किया गया है.
बीएड के एक वर्षीय सिलेबस के तहत विद्यार्थियों को जहां एक माह की प्रैक्टिस टीचिंग करायी जाती थी, वहीं अब इसकी अवधि बढ़ी है. दो वर्षीय सिलेबस के तहत विद्यार्थियों को पांच माह की प्रैक्टिस टीचिंग करनी होगी. फस्र्ट इयर में एक माह और सेकेंड (फाइनल) इयर में चार माह की प्रैक्टिस टीचिंग होगी. इसके अलावा रेग्युलेशन के तहत संबंधित कॉलेज अथवा शिक्षण संस्थानों में व्यवस्था बदलेगी.
50 सीट पर एक यूनिट शिक्षक होंगे दोगुने
दो वर्षीय पाठय़क्रम के तहत 50 सीटों की एक बेसिक यूनिट होगी. साथ ही शिक्षकों की संख्या भी बढ़ेगी. यानी जिन कॉलेजों में 100 सीटें हैं, वहां 50-50 सीट की दो यूनिट होगी. इसके साथ ही शिक्षकों की संख्या भी दोगुनी होगी. अब तक 100 सीटों पर नामांकित विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए एक विभागाध्यक्ष या प्राचार्य के अलावा जहां सात शिक्षक नियुक्त किये जाते थे, वहां 14 शिक्षकों की नियुक्ति करने का प्रावधान किया गया है.
इसके साथ कॉलेज / संस्थानों को भवनों का दायरा कम से कम 500 मीटर अतिरिक्त बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है. इसकी अंतिम तिथि 31 अक्तूबर 2015 निर्धारित की गयी है. प्रशिक्षण की गुणवत्ता और बेहतर बनाने के लिए ऐसा किया गया है.
