जैंतगढ़ : चंपुआ के नेहरू स्टेडियम मे हेरा इसलामिक स्कूल की ओर से बुधवार को प्रथम वार्षिक जलसा इस्लामिक तहजीब के साथ पूर्ण हो गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुंबई से पधारे अरशद मुख्तार अजहरी ने कहा कि अल्लाह ने हम सभी को इंसानीयत के लिए पैदा किया है, ताकि हम दूसरों के काम आ सके. यह बातें कुरआन से सीखने को मिलती हैं.
कुरआन हमारी हिदायत की किताब है. आज हम इससे दूर हो कर इसलाम से दूर होते जा रहे हैं. मदरसा तालिमउल कुरान के हाफिज अब्दुल रहमान सलफी ने कहा कि इल्म से ही जिन्दगी मे रोशनी है. बिना तालीम के जीवन मे अंधेरा है.
मुसलमानों के लिए दुनियावी तालीम के साथ साथ इसलामी तालीम मिलना ही असल तालीम है. जलसे का शुभारंभ अयाज उर रहमान ने तेलावत ए कुरआन पाक से किया. बच्चों ने नज्म पढ़कर अतिथियों का स्वागत किया. स्कूल के बच्चों ने विभिन्न प्रकार के इस्लामिक कार्यक्र म प्रस्तुत किये. मंच का संचालन जैंतगढ़ मदरसा के मौलाना नाजिर हुसैन ने किया. मौके पर इसलामिक स्कूल के अध्यक्ष मुदस्सर जावेद, प्रिंसिपल फलक सबा, बच्चे एवं अभिभावक उपस्थित थे.
