निजी स्कूलों के बढ़ते शुल्क, ड्रेस व अन्य शुल्क के विरुद्ध जिला में आंदोलन शुरू हो गयीहै. आइसा ने जहां समाहरणालय चौक पर सड़क जाम किया तो वही दूसरी ओर अभिभावकों ने बैठक कर राज्यपाल को पत्र भेजा.
बेतिया : निजी स्कूलों के फीस व मनमानी के खिलाफ आइसा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को नगर में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने दोपहर में नगर का भ्रमण करते हुए समाहरणालय चौक पहुंच गये और समाहरणालय मुख्य मार्ग को जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी. इसके कारण इस चौक पर करीब एक घंटे तक ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो गयी. डीएम लोकेश कुमार सिंह ने पहले जाम हटाने के लिए एसडीएम सुनील कुमार को भेजे.
लेकिन आंदोलनकारी डटे रहे इस पर स्वयं चले आये और उनसे बातचीत कर जाम हटवाया. प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अभिमन्यु राव ने कहा,शिक्षा के नाम पर निजी स्कूल अभिभावकों को लूट रहे है. कभी रि एडमिशन तो कभी बिजली बिल तो ड्रेस कोड व किताब बदल कर. इस तरह के शोषण से अभिभावकों पर आर्थिक बोझा बढ़ रहा है. शिक्षा के अधिकार कानून के तहत 25 प्रतिशत गरीब बच्चों का नामांकन की बात भी झूठी साबित हो रही है. मेडिकल कॉलेज की सुविधा बढ़ाने की बात कही.
आंदोलनकारियों ने कहा कि निजी स्कूल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोग फिर आंदोलन करेंगे. इस आंदोलन में नितेश कुमार मिश्र, विजय कुमार, कृष्णमोहन कुमार, शशि कुशवाहा, सुरेंद्र चौधरी, अरविंद गोंड, सोनू मिश्र, सोनेलाल साह, कन्हैया मुखिया मौजूद थे.
राज्यपाल को भेजा पत्र
विद्यालय अभिभावक संघ ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ राज्यपाल सहित कई वरीय अधिकारियों को बुधवार को पत्र भेजा है. संघ के अध्यक्ष उदयचंद्र झा ने बताया कि राइट टू एजुकेशन का जिले में निजी स्कूल धज्जियां उड़ा रहे हैं. नर्सरी कक्षा में एडमिशन के लिए नामांकन फॉर्म दो सौ से पांच सौ रुपये तक बेचा जाता है.
