बड़हरिया : आंधी के साथ हुई ओला वृष्टि से प्रखंड की पूर्वी पंचायतों में गेहूं की फसल की भारी क्षति हुई है. प्रखंड के राछोपाली, रामपुर, भोपतपुर, सिकंदरपुर, हरिहरपुर लालगढ़, तेतहली, बहादुरपुर आदि पंचायतों में भारी नुकसान हुआ है. प्रखंड के बड़हरिया-जामो मुख्य मार्ग पर तेज आंधी की वजह से दो पेड़ गिर गये, जिससे आवागमन बाधित हो गया.
हालांकि बाद में इसे प्रशासन ने हटा कर आवा-गमन सुचारु कर दिया. आंधी व ओला वृष्टि से सबसे ज्यादा फसल राछोपाली में क्षतिग्रस्त हुई है. वहीं प्रखंड के खोरीपाकड़, श्यामपुर, योगापुर, भोपतपुर, विशुनपुरा आदि गांवों के खैनी उत्पादक किसानों को इस बारिश से भारी नुकसान हुआ है. खेत में पड़ी खैनी की फसल बेकार हो चुकी है.
रामपुर के मुखिया सुभाष यादव ने बताया कि उनकी पंचायत के जियादी टोला के शशि कांत यादव की झोंपड़ी ध्वस्त हो गयी है, जबकि बड़सरा में एक ईंट भट्टे की चिमनी बिजली गिरने से ध्वस्त हो गयी. भाजपा किसान मोरचा के जिलाध्यक्ष डॉ अनिल गिरि का कहना है कि प्रखंड के पूर्वी इलाके के किसान ओलावृष्टि से तबाह हो गये हैं. आम व लीची के मंजर झरने से इसके उत्पादन पर असर पड़ेगा.
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि बरबाद हुई फसल के लिए मुआवजा दे. वहीं कांग्रेस नेता जिला पार्षद मो. सुहैल ने जिला प्रशासन व कृषि विभाग से जिला पर्षद संख्या 19 के सभी किसानों को मुआवजा देने की मांग की है, जिनकी गेहूं की फसल के साथ ही तेलहन व दलहन की फसल भी बरबाद हुई है. मो सोहैल ने गेहूं की फसल की बरबादी का आकलन करने के लिए सीओ को आवेदन दिया है. इधर सीओ वकील सिंह ने स्वीकार किया कि पूर्वी क्षेत्र में गेहूं की फसल बड़े पैमाने पर बरबाद हुई है, जिसका आकलन किया जा रहा है. इसकी रिपोर्ट जल्द ही जिला कृषि पदाधिकारी को सौंप दी जायेगा.
