संजय नदी डैम में मात्र 45 दिन का पानी

भू-जल स्तर नीचे गया, रेलवे कॉलोनियों में जल संकट का खतरा मंडराया सुशील महतो चक्रधरपुर : गर्मी के दस्तक देते ही चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय के कॉलोनियों में जल संकट का खतरा मंडराने लगा है. रेलवे जलापूर्ति का महत्वपूर्ण स्नेत संजय नदी डैम से पानी का बहाव थम गया है. डैम में मात्र 45 दिनों […]

भू-जल स्तर नीचे गया, रेलवे कॉलोनियों में जल संकट का खतरा मंडराया
सुशील महतो
चक्रधरपुर : गर्मी के दस्तक देते ही चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय के कॉलोनियों में जल संकट का खतरा मंडराने लगा है. रेलवे जलापूर्ति का महत्वपूर्ण स्नेत संजय नदी डैम से पानी का बहाव थम गया है. डैम में मात्र 45 दिनों तक का पानी बचा है. डैम के पानी से रेलवे कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, कार्यालय और रनिंग रूम जैसे जगहों में जलापूर्ति होती है.
जबकि भू-जलस्तर घटने से एम-ब्लॉक, एकाउंटस कॉलोनी, डब्लिंग कॉलोनी व पी ब्लॉक एवं मेकानाइज लाउंड्री की डीप बोरिंग फेल होने की कगार पर है. रेलवे की मानें तो भू-जलस्तर के काफी नीचे जाने से कॉलोनियों की डीप बोरिंग किसी भी समय फेल हो सकता है. जिससे रेलवे कॉलोनियों में जल संकट एवं मेकानाइज लाउंड्री में कार्य प्रभावित हो सकता है.
मालूम रहे कि वर्ष 2005 में संजय नदी का डैम सूखने से रेलवे कॉलोनी वासियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ा था. उस समय रेलवे ने जल संकट से निपटने के लिए अन्य राज्यों से अनुमति लेकर नदी से टैंकरों में पानी लाने को बाध्य हो गया था. इस अवधि में रेलवे ने जल संचय क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया था. डैम से मिट्टी हटाकर डैम को और गहरा किया गया था. लेकिन पुन: डैम में पानी क्षमता घटने और भू-जलस्तर लगातार नीचे जाने से जल संकट उत्पन्न होने की संभावनाएं बढ़ गयी है.
नयी डीप बोरिंग होगा जलापूर्ति का विकल्प. रेलवे के संबंधित विभाग के अधिकारी भी जल समस्या की आहट से संजय नदी डैम की वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने लगे हैं. रेलवे के वाटर सुपरवाइजर बीके मिश्र ने बताया कि रेलवे कॉलोनियों में पेयजल समस्या उत्पन्न नहीं होने दी जायेगी. ग्रामीणओं के लिए उत्पन्न जल समस्या से पहले पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कई नये डीप बोरिंग कराये जायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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