रेलवे के दो इंजीनियरों के बीच मारपीट, एक जख्मी

ब्लॉक लेकर चल रहा था ट्रैक में मरम्मत का काम लोटापहाड़-चक्रधरपुर किमी 312/30 पर घटी घटना बस स्टैंड में करोड़ों रुपये खर्च, अब आसनतलिया में तलाशी जा रही भूमि स्टैंड में बसें नहीं रूकती, नगर पर्षद वसूल रहा हैं टैक्स जहां-तहां बसें खड़ी कर यात्री को चढ़ाने-उतारने को विवश वाहन मालिक चक्रधरपुर : चक्रधरपुर शहर […]

ब्लॉक लेकर चल रहा था ट्रैक में मरम्मत का काम

लोटापहाड़-चक्रधरपुर किमी 312/30 पर घटी घटना
बस स्टैंड में करोड़ों रुपये खर्च, अब आसनतलिया में तलाशी जा रही भूमि
स्टैंड में बसें नहीं रूकती, नगर पर्षद वसूल रहा हैं टैक्स
जहां-तहां बसें खड़ी कर यात्री को चढ़ाने-उतारने को विवश वाहन मालिक
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर शहर के एकमात्र बस स्टैंड में यात्री सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद अब प्रशासन दूसरी जगह आसनतलिया के समीप बस स्टैंड के लिए पांच एकड़ सरकारी जमीन की तलाश कर रहा हैं. करोड़ों रुपये खर्च के बाद बस स्टैंड बेकार पड़ा है. यहां बसें भी नहीं खड़ी होती है. अब यहां शहरी जलापूर्ति योजना के लिए जलमीनार व आश्रय गृह का निर्माण कराया जा रहा है. बस पड़ाव में खटारा वाहन व गिट्टी-बालू रखा हुआ है. बस स्टैंड में बसों के नहीं रुकने के बावजूद नगर पर्षद टोकन टेंडर करा बस मालिक व छोटी यात्री बसों से टैक्स वसूल रही है. बसें व यात्री वाहन जहां-तहां खड़ी कर यात्री चढ़ाते व उतारते हैं.
50 लाख का यात्री शेड पूरा होने से पहले तोड़ा गया
नगर पर्षद ने बस पड़ाव में इसी वित्तीय वर्ष में करीब 50 लाख रुपये से यात्री शेड का निर्माण किया. निर्माण पूूरा होने से पूर्व तोड़ दिया गया. यात्रियों के ठहरने व बैठने के लिए बना मार्बल व सीमेंट का सीट बेकार पड़ा है. जलमीनार बनाने के लिए मार्बल उखाड़ दिये गये. लगभग 10 लाख रुपये से नाली, लगभग 50 लाख रुपये से एक दर्जन दुकानों का निर्माण हो रहा है. पूर्व में लगभग 20 लाख रुपये से सामुदायिक शौचालय बना था.
बस पड़ाव के लिए की जा रही जमीन तलाश: सुशील कुमार
नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि बस पड़ाव रिफंड हो गया है. अब बस पड़ाव के लिए पांच एकड़ सरकारी जमीन आसनतलिया के समीप तलाश की जा रही है. सरकारी जमीन नहीं मिलने पर रैयती जमीन खरीदी जायेगी. ओवरब्रिज का निर्माण होने से वर्तमान बस पड़ाव को सेंटर हाउस बनाया जायेगा. वहीं थोड़ी सी जगह में शहरी पेयजल योजना की पानी टंकी बन रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >