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झारखंड में हर 10 हजार की आबादी पर खुलेगा प्लस टू हाई स्कूल

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : झारखंड में 10 हजार की आबादी में एक प्लस टू हाई स्कूल खुलेगा.
Jharkhand news : झारखंड में 10 हजार की आबादी में एक प्लस टू हाई स्कूल खुलेगा.
फाइल फोटो.

Jharkhand news, Chakradharpur news : झारखंड में प्लस टू उच्च विद्यालयों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने हर 7 से 8 किलोमीटर की परिधि पर एक प्लस टू हाई स्कूल खोलने का निर्णय लिया है. इसके तहत हर 10,000 की आबादी में एक प्लस टू हाई स्कूल खोला जाना है. इस संबंध में झारखंड स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव राहुल शर्मा ने सभी जिले के उपायुक्त (Deputy Commissioner), क्षेत्र शिक्षा उपनिदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी (District Education Officer) एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (District Education Superintendent) को निर्देश जारी कर जिला स्थापना समिति में चयनित हाई स्कूलों का अनुमोदन करते हुए अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया गया है.

मालूम हो कि राज्य में वर्तमान में 510 सरकारी प्लस टू हाई स्कूल (Government Plus 2 high school) संचालित हैं. हर वर्ष मैट्रिक में लाखों विद्यार्थी सफल होने के बाद प्लस टू में नामांकन के लिए इधर से उधर भाग दौड़ करते रहते हैं. कईयों को प्लस टू स्कूलों में दाखिला मिल जाता है और कम अंक लाने वाले विद्यार्थी इंटरमीडिएट (Intermediate) की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं.

इस कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने हर 10 हजार की आबादी पर प्लस टू हाई स्कूल खोलने का निर्णय लिया है. यह स्कूल एक- दूसरे से 7 से 8 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित होगा. सरकार के सचिव ने हर जिले में एक समिति बनाया है, जो सर्वेक्षण के उपरांत जिन हाई स्कूलों को प्लस टू हाई स्कूल में परिवर्तित किया जाना है उसका प्रतिवेदन राज्य सरकार को उपलब्ध करायेगी.

इस समिति में डीसी को अध्यक्ष, जिला शिक्षा पदाधिकारी को सदस्य सचिव, जिला कल्याण पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को सदस्य बनाया गया है. चयनित हाई स्कूलों का अनुमोदन करते हुए प्लस टू हाई स्कूल में परिवर्तित करने की अनुशंसा यह समिति राज्य सरकार को भेजेगी.

ऐसे हाई स्कूल को प्लस टू हाई स्कूल के लिए चयन किया जाना है, जहां पर अतिरिक्त वर्ग, कक्ष एवं भवन बनाने के लिए जमीन उपलब्ध हो और उसके आसपास कोई पर स्वीकृति प्राप्त इंटर महाविद्यालय संचालित न हो. शिक्षा जगत में सरकार के इस पहल का स्वागत हो रहा है.

Posted By : Samir Ranjan.

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