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Indian Railways News: चक्रधरपुर रेल मंडल में पोस्ट सरेंडर से खत्म हुए 5000 से अधिक Jobs, जानें पूरा मामला

चक्रधरपुर रेल मंडल में पिछले 15 सालों में विभिन्न विभागों के स्वीकृत पदों के सरेंडर होने से 5000 से अधिक नौकरियां खत्म हो गयी है. हर साल एक प्रतिशत स्वीकृत पद सरेंडर हो रहा है. वहीं, रेलवे संगठनों ने चक्रधरपुर सबसे अधिक राजस्व देने वाला रेल मंडल में शुमार है.

By Prabhat khabar Digital
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Jharkhand news: चक्रधरपुर रेल मंडल में पोस्ट सरेंडर से खत्म हुई 5000 से अधिक नौकरियां.
Jharkhand news: चक्रधरपुर रेल मंडल में पोस्ट सरेंडर से खत्म हुई 5000 से अधिक नौकरियां.
प्रभात खबर.

Indian Railways News: चक्रधरपुर रेल मंडल में पिछले 15 सालों में विभिन्न विभागों के स्वीकृत पदों के सरेंडर होने से 5000 से अधिक नौकरियां खत्म हो गयी है. रेल मंडल में स्वीकृत पदों की संख्या 27,337 है. 15 सालों में यह स्वीकृत पद घटकर 22 हजार हो गयी है. करीब 5000 पदों पर रेलवे की नौकरियां से बेरोजगार युवक- युवतियों को वंचित होना पड़ेगा. सितम यह है कि देश की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है और नौकरियों के लिए पद खत्म किये जा रहे हैं.

चक्रधरपुर रेल मंडल में हर साल एक फीसदी स्वीकृत पद हो रहा सरेंडर

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2005-06 में चक्रधरपुर रेल मंडल से एक मुश्त 650 पदों को सरेंडर किया गया था. यह पहला पोस्ट सरेंडर था. जिसका जोरदार विरोध नहीं हुआ. फलस्वरूप रेलवे ने हर साल पोस्ट सरेंडर करना शुरू कर दिया. रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर हर साल चक्रधरपुर रेल मंडल में एक प्रतिशत स्वीकृत पद सरेंडर हो रहा है.

रेलकर्मियों में कार्य का बढ़ा दबाव

रेलवे रोजगार देने का सबसे बड़ा फील्ड है, लेकिन पदों के सरेंडर होने से रेल मंडल में वैकेंसी कम हो गयी है. जबकि रेलवे में रेल गाड़ियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है. जिसका प्रभाव रेल कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है. रेलवे के सभी विभागों में रेल कर्मचारियों की संख्या में निरंतर कमी हो रही है. जिसका प्रभाव रेलवे के संरक्षा और सुरक्षात्मक कार्यों पर भी पड़ रहा है. रेलवे में कार्य की अधिकता से रेलकर्मियों में कार्य का दबाव बढ़ गया है.

सबसे अधिक राजस्व देने वाला रेल मंडल में शुमार है चक्रधरपुर

रेलवे संगठनों का कहना है कि भारतीय रेल में चक्रधरपुर सबसे अधिक राजस्व देने वाला रेल मंडल में शुमार है. सबसे अधिक रेवेन्यू देने वाला रेल मंडल में पोस्ट सरेंडर करना न्याय संगत नहीं है. जहां रेलवे को रेवेन्यू कम दे रहा है. ऐसे रेल मंडलों में रेलवे बोर्ड का पोस्ट सरेंडर आदेश लागू होना चाहिये, ताकि ढुलाई वाले रेल मंडलों से रेवेन्यू और बेहतर कार्य संचालन हो सके.

वर्ष 2021-22 में 39 स्वीकृत पद हुआ सरेंडर

चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में चक्रधरपुर रेल मंडल के विभिन्न विभागों में कुल 39 स्वीकृत पदों को सरेंडर कर दिया गया. रेल मंडल के सहायक कार्मिक अधिकारी मो इबरार ने मंडल रेल प्रबंधक की स्वीकृति के बाद विभिन्न विभागों व श्रेणियों के 39 स्वीकृत पदों को सरेंडर करने का संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिया है. मालूम रहे कि रेलवे बोर्ड द्वारा रेलवे के सभी रेल मंडलों को हर साल एक प्रतिशत पोस्ट सरेंडर करने का लक्ष्य दिया गया है. इसके फलस्वरूप चक्रधरपुर रेल मंडल में 39 पदों को सरेंडर किया गया.

इन पदों पर रेलवे में नहीं हो रही है नियुक्ति

वर्ष 2005-06 में रेल मंडल में सबसे अधिक मेडिकल, वाणिज्य एवं विद्युत (ओपी) विभाग में पोस्ट सरेंडर किया गया था. जिसके तहत मेडिकल सफाईवाला, मैकेनिकल हेल्पर, कॉमर्शियल सफाईवाला, विद्युत (ओपी) मैसेंजर, पर्सनल खलासी, इंजीनियरिंग खलासी, जूनियर क्लर्क, कॉमर्शियल क्लर्क, कॉमर्शियल कोरियर, दूरसंचार एवं संकेत जूनियर क्लर्क, मैकेनिकल जूनियर क्लर्क, हेल्पर टू, ऑपरेटिंग में जूनियर क्लर्क, असिस्टेंट कुक, मसालची, कहार, सफाईवाला, सीनियर सफाईवाला, बॉक्स बॉय, कोल बॉय, हेल्पर टू, कार्मिक जूनियर क्लर्क, सीनियर टाइपिस्ट, मेडिकल जूनियर क्लर्क, जूनियर सफाईवाला का पद समाप्त हो गया है. इन पदों पर रेलवे में नियुक्ति नहीं हो रही है. हालांकि रेल मंडल के कुछ ही विभागों में नये पद भी सृजित किये गये हैं.

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