मूसलाधार बारिश से पश्चिम सिंहभूम में बाढ़, मकान डूबे, कई परिवार बेघर, रांची से भेजी गयी NDRF की टीम

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

सुकेश कुमार

चाईबासा/रांची : बारिश की कमी से जूझ रहे झारखंड में शनिवार की रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात हो गये हैं. खासकर पश्चिमी सिंहभूम में. यहां कई नदियां उफना गयी हैं और नदियों के किनारे बसी बस्तियों में पानी घुस गया है. कई परिवार बेघर हो गये हैं. सबसे ज्यादा नुकसान चक्रधरपुर इलाके में हुई है. बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को रांची से चक्रधरपुर के लिए भेजा गया है. जवानों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है.

शनिवार की रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश से रविवार को पश्चिम सिंहभूम में बाढ़ आ गयी. बारिश अब भी जारी है. चाईबासा में रोरो नदी का जलस्तर बढ़ गया है. चक्रधरपुर का संजय नदी खतरे के निशान को पार कर गया है. नदी का पानी आसपास घरों में घुस गया है. जनजीवन अस्त-व्यस्त है. लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. झारखंड की राजधानी रांची में भी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. रिहायशी इलाकों में पानी भर गया. नालियों का कचरा सड़क पर आ गया है. नालों में पानी की रफ्तार ने लोगों को डरा दिया है.

मूसलाधार बारिश से पश्चिम सिंहभूम में बाढ़, मकान डूबे, कई परिवार बेघर, रांची से भेजी गयी NDRF की टीम

रविवार की सुबह सात बजे अचानक आयी बाढ़ चक्रधरपुर के एक एएनएम स्कूल भी डूब गया, लेकिन हॉस्टल की छात्राओं को बचा लिया गया. नदी किनारे स्कूल होने की वजह से नदी का जलस्तर जैसे ही बढ़ा, स्कूल में पानी घुस गया.

सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन व स्कूल प्रबंधन के सहयोग से बच्चों को निकाल लिया गया. चाईबासा में भी कई घर बाढ़ के पानी में डूब गये. चक्रधरपुर प्रखंड के पातु कॉलोनी तथा कुदलीबाड़ी का आधा हिस्सा डूब गया. हालांकि, स्थानीय लोगों ने सभी लोगों को सुरक्षित जेएलएन कॉलेज पहुंचा दिया, जहां राहत शिविर लगाया गया है. 40-50 घर डूब गये हैं.

मूसलाधार बारिश से पश्चिम सिंहभूम में बाढ़, मकान डूबे, कई परिवार बेघर, रांची से भेजी गयी NDRF की टीम

इधर, जैंतगढ़ क्षेत्र के कई इलाकों में भारी बारिश हुई है. फलस्वरूप वैतरणी नदी समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और निचले इलाकों में जल भराव हो गया है. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पश्चिम सिंहभूम में शनिवार रात को सबसे अधिक 133.4 मिमी बारिश हुई है.

उधर, सारंडा के तमाम क्षेत्रों में बीती रात लगभग नौ बजे से लगातार मूसलाधार वर्षा जारी है. लोग अपने-अपने घरों में कैद होकर रह गये हैं. उपायुक्त अरवा राजकमल ने बाढ़ से प्रभावित जगहों का निरीक्षण किया और लोगों को आश्वासन दिया कि उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जायेगा.

सेल के आवास में भी घुसा पानी

किरीबुरू शहर में पिछले चौबीस घंटे से हो रही मूसलाधार वर्षा की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वर्षा की वजह से सेल की अनेक आवासों में पानी भर गया है. गरीबों की झुग्गियों में भी बाढ़ और बारिश का पानी घुस गया है. इसके अलावा लेक गार्डन तालाब भर गया है, जिससे पुलिया के नीचे गार्ड वाल के ऊपर से पानी बह रहा है. इस तालाब में लोगों ने मछलियां छोड़ रखी थीं. जरूरत से ज्यादा पानी होने की वजह से मछलियां अन्यत्र चली गयी हैं.

रांची के हिंदपीढ़ी और लोहराकोचा में जलजमाव से हैं बाढ़ जैसे हालात

मूसलाधार बारिश से पश्चिम सिंहभूम में बाढ़, मकान डूबे, कई परिवार बेघर, रांची से भेजी गयी NDRF की टीम
मूसलाधार बारिश से पश्चिम सिंहभूम में बाढ़, मकान डूबे, कई परिवार बेघर, रांची से भेजी गयी NDRF की टीम
मूसलाधार बारिश से पश्चिम सिंहभूम में बाढ़, मकान डूबे, कई परिवार बेघर, रांची से भेजी गयी NDRF की टीम
Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें