कान्हू मुंडा के नेतृत्व में नक्सलियों ने की थी हमले की बड़ी तैयारी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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गुड़ाबांदा : नक्सली प्रमुख कान्हू मुंडा के नेतृत्व में नक्सलियों ने पुलिस दल पर हमला करने की बड़ी योजना बनायी थी. इस हमले में नक्सलियों की संख्या 15-20 की बतायी जा रही है. इनमें कई महिला नक्सली भी शामिल थीं.

स्थिति के मुताबिक यह साफ है कि नक्सलियों ने पुलिस दल को घेर कर मार गिराने की योजना बनायी थी. नक्सलियों को पता था कि पुलिस इधर से गुजरेगी और पूरी तैयारी में थे. नक्सलियों ने पहले आइडी का विस्फोट किया और इसके तुंरत बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.

घटनास्थल के पास ही जंगल में नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा के लिए पत्थरों का मोरचा बना रखा था. इन्हीं मोरचे की आड़ से वे फायरिंग कर रहे थे. नक्सली पुलिस पर हमला कर आराम से बीहड़ों में निकल गये. यह इलाका पुलिस के लिए सुरक्षित नहीं है. थोड़ी सी चूक की भारी कीमत पुलिस को चुकानी पड़ सकती है.

2003 से नक्सलियों ने की हमले की शुरुआत

गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने थाना पर हमला कर अपना अभियान शुरू किया था. 25-26 मई की रात सैकड़ों नक्सलियों ने थाना पर हमला किया. थाना को फूंक डाला. थाना की रसोइया शांति देवी मारी गयी. एक जनवरी 2004 को नक्सलियों ने नासुस सदस्य साकला सोरेन की हत्या की. सात दिसंबर 2004 को लैंड माइन विस्फोट कर घाटशिला के इंस्पेक्टर सुशील नाग समेत चार को मार डाला.

29 मार्च 2006 में हुई मुठभेड़ में डुमरिया के थाना प्रभारी जयराम प्रसाद घायल हुए. 2 जून 2006 को हड़ियान में तीन ग्रामीणों की हत्या की. नौ अक्तूबर 2007 को नासुस नेता शैलेंद्र बास्के पर हमला कर अंग रक्षक जोगेश्वर मुमरू को मार डाला. 23 मई 2008 को मुचरीशोल में सोखेन मुमरू की हत्या की. इसके अलावा भी नक्सलियों ने कई घटनाओं को अंजाम दिया.

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